
गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य की सुरक्षा और विकास को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार घुसपैठ और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगी। गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने जनता से जो भी वादे किए थे, उन्हें अब “शब्दों से नहीं, बल्कि कार्यों से” पूरा किया जाएगा।
असम की पहचान को सुरक्षित रखना हमारी प्रथामिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता असम की पहचान को सुरक्षित रखना और राज्य का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। सरमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चुनावी भाषणों और प्रचार का समय अब समाप्त हो चुका है और अब केवल जमीनी स्तर पर परिणाम देने का वक्त है। उनके अनुसार, आने वाले दिनों में सरकार के कार्य ही उसकी प्राथमिकताओं का प्रमाण देंगे।
घुसपैठियों पर की जाएगी कार्रवाई
अवैध घुसपैठ और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अपनी रणनीति को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावों से पहले इन मुद्दों पर जो कड़ा रुख अपनाया गया था, वह वर्तमान कार्यकाल में भी पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। उन्होंने राज्य की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि असम की सीमाओं के भीतर हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
असम में अवैध अप्रवासन, पहचान की राजनीति और अतिक्रमण के खिलाफ सरकारी कार्रवाई को लेकर फिर से राजनीतिक बहस तेज है। सरमा ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार अपने चुनावी घोषणापत्र (मैनिफेस्टो) के हर बिंदु को व्यावहारिक रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी असामाजिक या कट्टरपंथी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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