
सिंगरौली: बंधा-तेंदुआ क्षेत्र में स्थित ईएमआईएल बिरला परियोजना एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन और निजी बाउंसरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मारपीट और दबाव बनाकर सड़क निर्माण कराने का दावा किया है।
ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ पंचायत के लोग लंबे समय से मुआवजा अनियमितताओं, रोजगार की कमी और पुनर्वास संबंधी समस्याओं को लेकर धरने पर बैठे हुए थे। उनका आरोप है कि कई प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है, जबकि कुछ मामलों में फर्जी भुगतान की शिकायतें भी सामने आई हैं।
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प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, तभी कंपनी प्रबंधन द्वारा सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर कथित रूप से मौजूद निजी बाउंसरों ने ग्रामीणों पर बल प्रयोग किया और धक्का-मुक्की की, जिससे मौके पर तनाव फैल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाद में बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी धमकाने और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने परियोजना प्रमुख दीपेश भाटिया और बृजेश सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि संवाद की बजाय दबाव की नीति अपनाई जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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