
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब एक महिला आईएएस अधिकारी बैठक के दौरान अचानक नाराज दिखाई दीं। जानकारी के अनुसार बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक प्रतिनिधि मौजूद थे, जहां सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही थी। इसी दौरान बैठक की व्यवस्थाओं और माहौल को लेकर महिला अधिकारी ने नाराजगी जाहिर कर दी। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्था और शोरगुल की स्थिति को लेकर उन्होंने खुलकर आपत्ति दर्ज कराई।
सूत्रों के मुताबिक महिला अधिकारी ने बैठक के दौरान कहा कि आयोजन में व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं थीं और लगातार हो रहे शोर के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा था। चर्चा यह भी रही कि अधिकारी ने इस बात पर असंतोष जताया कि समीक्षा जैसे गंभीर कार्यक्रम में अनुशासन और व्यवस्था का स्तर अपेक्षित नहीं था। बैठक में मौजूद अन्य अधिकारियों के बीच भी इस घटना को लेकर हलचल देखी गई। कुछ देर के लिए माहौल असहज हो गया और सभी की नजरें मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया पर टिक गईं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने स्थिति को शांत करने का प्रयास करते हुए अधिकारियों को संयम बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने बैठक की गोपनीयता और प्रशासनिक मर्यादा बनाए रखने पर भी जोर दिया। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकारी बैठकों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी और अंदरूनी घटनाएं सार्वजनिक मंचों तक नहीं पहुंचनी चाहिए। इसके बाद माहौल सामान्य करने की कोशिश की गई और समीक्षा बैठक आगे बढ़ाई गई।
प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में अब इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे अधिकारियों के बढ़ते दबाव और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे सरकारी बैठकों में अनुशासन और समन्वय की कमी का संकेत मान रहे हैं। हालांकि आधिकारिक स्तर पर इस मामले को लेकर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह घटना फिलहाल सत्ता और प्रशासन दोनों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है
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