
मैहर/ देवेश शर्मा: सेवाकाल के दौरान ओवरटाइम भुगतान और श्रमिक अधिकारों को लेकर सेवानिवृत्त सुरक्षा प्रहरियों की एक विशेष बैठक मैहर में आयोजित की जाएगी। वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. राजकुमार गौतम के नेतृत्व में बुलाई गई इस बैठक में 84 सेवानिवृत्त सुरक्षा प्रहरियों से जुड़े मामलों पर कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की रणनीति बनाई जाएगी।
संस्थानों में 12-12 घंटे की दो पालियों में काम
प्रहरियों का आरोप है कि वर्ष 1994 से अब तक विभिन्न संस्थानों में उनसे 12-12 घंटे की दो पालियों में काम लिया गया, लेकिन भुगतान केवल 8 घंटे के आधार पर किया गया। उनका कहना है कि प्रतिदिन 4 घंटे अतिरिक्त कार्य के बावजूद फैक्ट्री अधिनियम के तहत देय ओवरटाइम भत्ता नहीं दिया गया। साथ ही भविष्य निधि और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं की गणना भी वास्तविक कार्य-घंटों के आधार पर नहीं की गई।
कोई भी निजी करार कानून से ऊपर नहीं
बैठक में फैक्ट्री अधिनियम 1948, मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 तथा भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा होगी। डॉ. राजकुमार गौतम ने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ्य और अधिकारों की रक्षा के लिए कानून में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं और कोई भी निजी करार कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
वैधानिक लाभों की मांग को लेकर कानूनी कार्रवाई की तैयारी
बैठक में सेवा अभिलेख, ड्यूटी चार्ट और वेतन पर्चियों के संकलन के साथ उप श्रम आयुक्त रीवा के समक्ष दावा प्रस्तुत करने की कार्ययोजना पर भी निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा ओवरटाइम राशि, ब्याज और अन्य वैधानिक लाभों की मांग को लेकर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जाएगी।
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