
नई दिल्ली/दा नांग: वियतनाम के दा नांग शहर में खेली जा रही अंडर-23 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों का दबदबा और शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के चौथे दिन मंगलवार को भारतीय जांबाजों ने मैट पर अपना जलवा बिखेरते हुए देश के लिए 4 और महत्वपूर्ण पदक अपनी झोली में डाल लिए। इस स्वर्णिम सफलता में युवा पहलवान कुमार मोहित और चंद्रमोहन ने अपने-अपने भार-वर्ग में असाधारण खेल कौशल दिखाते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medals) अपने नाम किए।
इसके अलावा, भारत के दो अन्य पहलवानों (दोनों का नाम दीपक) ने भी बेहतरीन दांव-पेच का प्रदर्शन करते हुए क्रमशः रजत और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इस नई सफलता के साथ ही चैंपियनशिप में भारत के फ्रीस्टाइल पदकों की कुल संख्या अब छह हो गई है, जो पिछले दिनों अक्षय टी ढेरे (57 किग्रा) और विक्की (97 किग्रा) द्वारा जीते गए स्वर्ण पदकों के बाद मिली कामयाबी को और आगे बढ़ाती है।
मंगलवार को हुए मुकाबलों में 65 किग्रा भार-वर्ग के फाइनल में कुमार मोहित पूरी तरह से विपक्षी पहलवान पर हावी नजर आए। उन्होंने बेहद आक्रामक और नियंत्रित खेल दिखाते हुए किर्गिस्तान के ओस्कोनबाई ए. अब्दिसामातोव को 12-4 के एक बड़े अंतर से आसानी से शिकस्त दी और पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। मोहित की इस ऐतिहासिक जीत के ठीक बाद 79 किग्रा भार-वर्ग के खिताबी मुकाबले में चंद्रमोहन ने मैट पर उतरकर कमाल कर दिया। चंद्रमोहन ने कजाकिस्तान के मजबूत पहलवान येरखान अबिल के खिलाफ बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाले मैच में 7-6 से करीबी लेकिन शानदार जीत दर्ज कर एशिया का टाइटल अपने नाम कर लिया।
वहीं, 61 किग्रा भार-वर्ग के बेहद कड़े फाइनल मुकाबले में भारत के दीपक ने कजाकिस्तान के नूरदानत ऐतानोव को कड़ी टक्कर दी। दोनों के बीच स्कोर 4-4 से बराबर रहा, लेकिन तकनीकी नियमों के आधार पर विपक्षी पहलवान को विजेता घोषित किया गया और दीपक को रजत पदक (Silver Medal) से ही संतोष करना पड़ा। इसके तुरंत बाद, 74 किग्रा कैटेगरी में एक अन्य भारतीय पहलवान दीपक ने कांस्य पदक के मुकाबले में तुर्कमेनिस्तान के वतन अन्नाइराजोव को 10-0 से एकतरफा हराकर भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल पक्का किया।
इन पदकों के अलावा भारतीय कैंप में खुशियों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। 92 किग्रा डिवीजन में कुमार पुनीत ने भारत के पदक तालिका की गिनती को आगे बढ़ाते हुए रजत पदक हासिल किया, हालांकि उन्हें चैंपियनशिप बाउट में किर्गिस्तान के उलुकबेक सोरोमबेकोव से 1-12 से हार का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ, 86 किग्रा कैटेगरी में मोर सचिन ने अपनी क्लास दिखाते हुए बोबुरबेक रुजिम्बोएव पर 4-1 की शानदार और रणनीतिक जीत दर्ज कर कांस्य पदक (Bronze Medal) देश के नाम किया। प्रतियोगिता के सबसे भारी भार-वर्ग यानी 125 किग्रा श्रेणी में भारतीय पहलवान लैकी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जहां उन्हें फाइनल के खिताबी मुकाबले में कजाकिस्तान के विश्व स्तरीय पहलवान रिजाबेक ऐतमुखान से 0-10 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
भारतीय फ्रीस्टाइल स्क्वॉड के इस ऐतिहासिक और दबदबे वाले प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया WFI के अध्यक्ष संजय सिंह ने पूरी टीम और कोचिंग स्टाफ को बधाई दी है। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हमारी फ्रीस्टाइल टीम ने पिछले दो दिनों में मैट पर बेहद शानदार और गर्व करने लायक प्रदर्शन किया है। फ्रीस्टाइल कुश्ती में अब तक चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक आना भारतीय कुश्ती के भविष्य के लिए एक बेहद सकारात्मक और बड़ा संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि मोहित और चंद्रमोहन ने आज विपरीत परिस्थितियों में भी अपना धैर्य बनाए रखा और स्वर्ण पदक जीते, जबकि दोनों दीपक ने भी मैट पर देश के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। कुश्ती संघ को उम्मीद है कि चैंपियनशिप के समापन तक भारतीय पहलवान कुछ और पदक जीतकर देश का मान बढ़ाएंगे।
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