
लखीमपुर खीरी: जिले में पत्रकारों को प्रशासनिक सूचनाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगर पालिका सभागार में आयोजित एक चर्चा के दौरान जिले के कई वरिष्ठ पत्रकारों ने सूचना तंत्र की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की और प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।
वरिष्ठ पत्रकार एनके मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन केवल प्रेस नोट जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि पत्रकारों के सवालों का जवाब देने और सीधे संवाद की व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पत्रकारों को तथ्यात्मक जानकारी समय पर मिलना बेहद जरूरी है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में सवाल पूछने की गुंजाइश कम होती जा रही है।
वहीं वरिष्ठ पत्रकार मनोज शर्मा ने सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था में कथित “ठेका प्रणाली” लागू होने पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचनाएं सीमित लोगों तक केंद्रित हो रही हैं, जिससे निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित हो सकती है। उनका कहना था कि जिले के सभी पत्रकारों को समान रूप से जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि समाचारों का संतुलित और निष्पक्ष प्रकाशन हो सके।
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक वर्मा ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और बदलती पत्रकारिता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को प्रशासन या अधिकारियों के महिमामंडन से बचना चाहिए और पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता के मुद्दों को तथ्यात्मक और निष्पक्ष तरीके से सामने लाना होना चाहिए।
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