
लखनऊ/वाराणसी, 27 मई। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिला अपराधों को लेकर सख्त और संवेदनशील रुख अपनाए हुए है। वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में मानव तस्करी और दुष्कर्म की शिकार बिहार की एक नाबालिग बालिका को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वाराणसी प्रशासन की ओर से मंगलवार को सहायता राशि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे तत्काल मंजूरी दे दी गई। सरकार की इस पहल को पीड़िता के पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक सारनाथ थाना पुलिस ने कथित रूप से बेची गई नाबालिग बालिका को बरामद करते हुए इस मामले में आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मानव तस्करी, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की है। मामले में पीड़िता की मां समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोप है कि पीड़िता की मां ने पैसों के लालच में एक व्यक्ति से उसकी झूठी शादी करा दी थी।
जिलाधिकारी वाराणसी के अनुसार बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर 20 मई को चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और उसे राजकीय बाल गृह (बालिका) में सुरक्षित रखा गया है। वहां मनोचिकित्सकों के माध्यम से उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि उसे मानसिक और भावनात्मक संबल मिल सके। प्रशासन द्वारा बालिका को पारिवारिक माहौल उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और उसे आवश्यक कानूनी सहायता भी दी जा रही है, जिससे उसके पुनर्वास और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
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