
सिंगापुर: भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए देश की स्टार मेंस डबल्स जोड़ी सात्विक साईराज रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी ने शनिवार को सिंगापुर ओपन बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सीरीज सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टूर्नामेंट में चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय स्टार जोड़ी ने सेमीफाइनल के बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले में कोरिया के वर्ल्ड चैंपियन शटलर्स किम वोन हो और सियो सेउंग जे की जोड़ी को सीधे गेमों में 21-19, 21-18 से धूल चटा दी। पूरे 52 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में सात्विक और चिराग ने दबाव के क्षणों में अद्भुत संयम दिखाया और खेल के हर विभाग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया। वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सात्विक-चिराग ने इस जीत के साथ ही इस साल के अपने दूसरे वर्ल्ड टूर फाइनल में जगह पक्की की है, इससे पहले वे साल की शुरुआत में थाईलैंड ओपन में उप-विजेता रहे थे।
दोनों गेम में पिछड़ने के बाद भारतीय स्टार्स ने की जादुई वापसी
इस सेमीफाइनल मुकाबले में कोरियन जोड़ी ने भारतीय शटलर्स को शुरुआती दौर में कड़ी टक्कर दी और दोनों ही गेम में मजबूत बढ़त बना ली थी। पहले गेम में सात्विक और चिराग एक समय 8-13 और फिर 13-17 से काफी पीछे चल रहे थे, लेकिन यहां से भारतीय जोड़ी ने गजब की मानसिक मजबूती दिखाई और लगातार अंक बटोरते हुए पहला गेम 21-19 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही, जहाँ विपक्षी कोरियन जोड़ी 11-14 से आगे चल रही थी। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लगातार छह अंक हासिल करके स्कोर को 17-14 के पक्ष में कर दिया। इसके बाद सात्विक और चिराग ने अपनी इस बढ़त को हाथ से जाने नहीं दिया और अंततः दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। अब फाइनल में इस भारतीय जोड़ी का सामना दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा, जो पांचवीं वरीयता प्राप्त डेनमार्क के मैथियास क्रिस्टियनसेन व अलेक्जेंडर बोए और चीन के गाओ जिया जुआन व वेई या शिन की जोड़ी के बीच खेला जाना है।
‘उनका डिफेंस बेहतरीन था, पर हमारी रणनीति कारगर रही’ – चिराग शेट्टी
इस ऐतिहासिक और शानदार जीत के बाद भारतीय बैडमिंटन स्टार चिराग शेट्टी ने मैच के टर्निंग पॉइंट और अपनी रणनीति पर खुलकर बात की। चिराग ने कहा कि जब हम मैच में काफी पीछे चल रहे थे, तब हमने कोर्ट पर बिल्कुल शांत रहने की कोशिश की और खुद की क्षमताओं पर भरोसा रखा। हमें पूरा विश्वास था कि अगर हम अपनी योजना के मुताबिक लगातार शटल को रैली में रखेंगे, तो कोरियन खिलाड़ी किसी न किसी मोड़ पर मानसिक रूप से जरूर टूटेंगे और वैसा ही हुआ। वर्ल्ड चैंपियन किम और सियो की तारीफ करते हुए चिराग ने आगे कहा कि मौजूदा समय में बैडमिंटन सर्किट में उनका डिफेंस सबसे बेहतरीन माना जाता है, इसलिए हम पहले से जानते थे कि उनके खिलाफ रैली लंबी चलेगी और जब हम लगातार आक्रमण (अटैक) कर रहे हों, तब हमें अधिक धैर्यवान और स्थिर रहने की जरूरत थी, जिससे हमें सफलता मिली।
मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की चुनौती थमी
एक तरफ जहां पुरुष युगल में भारत को बड़ी सफलता हाथ लगी, वहीं मिश्रित युगल (मिक्स्ड डबल्स) के मोर्चे पर भारतीय प्रशंसकों को थोड़ी निराशा हाथ लगी है। भारत की उभरती हुई मिश्रित युगल जोड़ी ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो का शानदार सफर शनिवार को सेमीफाइनल मुकाबले में समाप्त हो गया। सेमीफाइनल के एक कड़े और तीन गेम तक चले बेहद थकाऊ मुकाबले में भारतीय जोड़ी को जापान के युइची शिमोगामी और सायाका होबारा के हाथों 16-21, 21-17, 13-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। ध्रुव और तनीषा ने दूसरा गेम जीतकर मैच में जोरदार वापसी की उम्मीद जगाई थी, लेकिन निर्णायक और तीसरे गेम में जापानी जोड़ी ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत रखी और भारतीय चुनौती को समाप्त करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
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