वियतनाम में भारतीय पहलवानों का ऐतिहासिक डबल धमाका: अंडर-17 में दीक्षा और गरिमा ने जीता गोल्ड; अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में पुरुष फ्रीस्टाइल टीम बनी ‘सुल्तान’, भारत की झोली में आए कुल 27 मेडल

दा नांग (वियतनाम): वियतनाम के दा नांग शहर में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने जूनियर और सीनियर दोनों ही स्तरों पर तिरंगा लहराते हुए वैश्विक पटल पर अपनी धाक जमाई है। अंडर-17 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप की महिला स्पर्धाओं में भारत की बेटियों ने मैट पर अपना प्रचंड दबदबा दिखाते हुए दो स्वर्ण (गोल्ड), दो रजत (सिल्वर) और एक कांस्य (ब्रॉन्ज) सहित कुल पांच पदक देश की झोली में डाले हैं। इस शानदार प्रदर्शन की कमान 43 किलोग्राम भारवर्ग में दीक्षा ने संभाली, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में एक भी अंक गंवाए बिना फाइनल मुकाबले में किर्गिस्तान की मजबूत प्रतिद्वंद्वी असंगार्येवा को 6-0 से करारी शिकस्त देकर सोने का तमगा अपने नाम किया। फाइनल की राह में दीक्षा ने एकतरफा खेल दिखाते हुए किर्गिस्तान को 8-0 और घरेलू टीम वियतनाम की पहलवान को 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर पटखनी दी थी।

73 किग्रा में गरिमा ने मंगोलियाई पहलवान को धोया, निकिता और अंतरा को मिला सिल्वर

भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक 73 किलोग्राम भारवर्ग में गरिमा ने सुनिश्चित किया। गरिमा ने अपने बेहद आक्रामक और तकनीकी खेल का मुजाहिरा पेश करते हुए फाइनल के महामुकाबले में मंगोलिया की नामुनत्सेत्सेग बातबोल्ड को 18-6 के भारी अंतर से धूल चटाकर देश को गौरवान्वित किया। स्वर्ण पदकों के अलावा भारत को 49 किलोग्राम वर्ग में निकिता और 65 किलोग्राम वर्ग में अंतरा के जरिए दो रजत पदक भी हासिल हुए। निकिता को फाइनल में चीन की युआन युटिंग से 2-10 से हार का सामना करना पड़ा, वहीं अंतरा को खिताबी जंग में चीन की ही सियू वेई ने 0-5 से मात दी; हालांकि अंतरा ने इससे पहले जापान के खिलाफ सेमीफाइनल में ऐतिहासिक और कड़ा मुकाबला जीतकर अपनी काबिलियत साबित की थी। वहीं 57 किलोग्राम भारवर्ग में साक्षी ने सेमीफाइनल की करीबी हार से उबरते हुए शानदार वापसी की और ब्रॉन्ज मेडल प्लेऑफ में कजाकिस्तान की अरिना कुआनिशोवा को 10-0 से एकतरफा हराकर कांस्य पदक भारत के नाम किया।

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अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष फ्रीस्टाइल टीम बनी निर्विवाद ‘किंग’

आयु-वर्ग स्तर पर भारत की यह लगातार सफलता देश में महिला कुश्ती की गहरी और मजबूत जड़ों को दर्शाती है, जो इस सप्ताह की शुरुआत में इसी वेन्यू पर संपन्न हुई अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में देश के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद देखने को मिली है। अंडर-23 प्रतियोगिता में भारत की पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती टीम ने वियतनाम के दा नांग में सबको चौंकाते हुए ‘निर्विवाद चैंपियन’ बनने का गौरव हासिल किया और शीर्ष स्थान पर रहते हुए टीम चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। भारतीय टीम ने फ्रीस्टाइल रैंकिंग में अपना दबदबा बनाते हुए किर्गिस्तान (दूसरे स्थान) और कजाकिस्तान (तीसरे स्थान) जैसे कुश्ती के सुपरपावर देशों को काफी पीछे छोड़ दिया। फ्रीस्टाइल में मिली इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ ही पूरे भारतीय दल का महाद्वीपीय (कॉन्टिनेंटल) अभियान समाप्त हुआ, जहां भारत ने फ्रीस्टाइल, महिला कुश्ती और ग्रीको-रोमन तीनों कैटेगरी को मिलाकर कुल 27 पदक (11 स्वर्ण, 7 रजत और 9 कांस्य) जीतकर इतिहास रच दिया।

अंडर-23 महिला टीम ने भी मचाया गदर, जीते 6 गोल्ड समेत 10 पदक

इस पूरे कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप के दौरान भारत की अंडर-23 महिला पहलवानों का भी मैट पर पूरी तरह राज रहा। महिला दल ने शानदार दांव-पेंच दिखाते हुए कुल 10 पदक अपने नाम किए, जिनमें से 6 केवल स्वर्ण पदक थे। भारत की ओर से मुस्कान (53 किग्रा), तपस्या (57 किग्रा), भाग्यश्री (62 किग्रा), पुलकित (67 किग्रा), मानसी (68 किग्रा), और काजल (76 किग्रा) ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में विश्व स्तरीय तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते। इनके अलावा नेहा (59 किग्रा) और स्वीटी (50 किग्रा) ने मैट पर बहादुरी से लड़ते हुए देश के लिए रजत पदक जीते, जबकि अमृता (72 किग्रा) और अहिल्या (55 किग्रा) ने अपनी-अपनी कैटेगरी के रेपचेज व प्लेऑफ मुकाबले जीतकर कांस्य पदक के साथ पोडियम पर जगह बनाई। वियतनाम की धरती पर जूनियर और सीनियर वर्ग का यह कुल प्रदर्शन भारतीय कुश्ती के आने वाले स्वर्णिम भविष्य की ओर इशारा कर रहा है।

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    Rashel Kachwah Rajput

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