
बुरहानपुर: जिले के नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में 1 जून की शाम करीब 5 बजे आए भीषण आंधी-तूफान और तेज बारिश ने किसानों की सालभर की मेहनत को भारी नुकसान पहुंचाया है। सबसे ज्यादा असर केले की फसल पर पड़ा है, जो कई गांवों में पूरी तरह जमीन पर बिछ गई और बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गई।
तेज आंधी के बाद खेतों में तबाही का मंजर देखने को मिला, जहां किसानों की खड़ी फसलें टूटकर गिर गईं और उत्पादन की पूरी उम्मीदें खत्म हो गईं। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही नेपानगर विधायक मंजू दादू प्रशासनिक अमले के साथ प्रभावित गांवों नावरा, दूधिया, हैदरपुर, गोराडिया, डाबिया, नयाखेड़ा, दरियापुर, पलासुर, रतागढ़ और पांचइमली सहित कई क्षेत्रों में पहुंचीं। भीषण गर्मी और लगभग 46 डिग्री तापमान के बीच विधायक ने खेतों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर केले की फसल तैयार की थी, लेकिन अचानक आई आंधी ने सब कुछ तबाह कर दिया। किसान गजानंद यादव ने कहा कि उनकी पूरी फसल नष्ट हो गई है और अब परिवार के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं किसान किसन धांडे ने बताया कि लगभग 70 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। कई किसानों ने सरकार से जल्द सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की।
विधायक मंजू दादू ने किसानों को आश्वासन दिया कि नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा और हर प्रभावित किसान को शासन की ओर से उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि राहत कार्य में देरी न हो।
एसडीएम भागीरथ वाखला ने बताया कि खेतों में हुए नुकसान का सर्वे जारी है और रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन के नियमों के अनुसार किसानों को राहत दी जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे, जिनमें रमेश महाजन, दौलत कोहले, युवराज पाटिल, नितिन पाटिल, कमलेश कीर, संजय गवले, पंकज पाटिल, तुषार नारखेड़े और मनीष नारखेड़े शामिल थे।
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