
बड़वानी: महिला एवं बाल विकास विभाग में मानदेय जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक भृत्य और उसके माध्यम से रिश्वत लेने वाले व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में परियोजना अधिकारी सहित तीन लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम संगोदा निवासी उर्मिला सोलंकी आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकायुक्त को शिकायत देकर बताया था कि 17 सितंबर 2025 से उनका लगभग आठ महीने का मानदेय लंबित है। मानदेय जारी कराने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी धन्नालाल दांगी और भृत्य दिनेश खतवासे द्वारा उनसे 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में मामले का सत्यापन कराया गया। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद 2 जून 2026 को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। कार्रवाई के दौरान भृत्य दिनेश खतवासे के कहने पर चाय दुकान संचालक राजेश पाटीदार ने शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की रिश्वत ली। जैसे ही राशि का लेन-देन हुआ, लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद मामले में परियोजना अधिकारी धन्नालाल दांगी, भृत्य दिनेश खतवासे और चाय दुकान संचालक राजेश पाटीदार की भूमिका सामने आने पर तीनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप की स्थिति है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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