खंडवा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का एक दिवसीय धरना: लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से शासन को सौंपा ज्ञापन

खंडवा/नितिन झवर की रिपोर्ट:  जिले में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार, 3 जून 2026 को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरने का आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में एकत्रित हुईं महिलाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से शासन के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें मानदेय वृद्धि, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति के अवसर और सामाजिक सुरक्षा संबंधी गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है।

सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने मांग की है कि यदि सेवाकाल के दौरान किसी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका का निधन हो जाता है, तो उनके परिवार के पात्र सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। इसके साथ ही ऑन-ड्यूटी मृत्यु होने की स्थिति में पीड़ित परिवार को कम से कम 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने का प्रावधान किया जाए। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की सभी आंगनवाड़ियों में टेक होम राशन (टीएचआर) और अन्य आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति सीधे केंद्र स्तर पर ही सुनिश्चित करने की बात कही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा, उन्होंने अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए पदोन्नति के उचित अवसर देने और सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को बढ़ाने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई है।

ज्ञापन के माध्यम से यह मुद्दा भी उठाया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उनके मूल विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य सरकारी विभागों के कामों में न लगाया जाए, ताकि वे अपने प्राथमिक दायित्वों का निर्वहन पूरी सजगता और प्रभाव के साथ कर सकें। साथ ही, सेवा से पृथक करने (हटाने) की प्रक्रिया को बेहद स्पष्ट और न्यायसंगत बनाने तथा किसी भी कार्रवाई से पूर्व संबंधित कर्मचारी को पर्याप्त सुनवाई का अवसर देने की मांग की गई है। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ की जिला अध्यक्ष शीला कुमरे ने कहा कि प्रदेश की लाखों कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से अपनी जायज मांगों के निराकरण का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस दिशा में जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए और उन्हें एक सम्मानजनक कार्य परिस्थिति के साथ-साथ मजबूत सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

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    Rashel Kachwah Rajput

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