महेश केवट की उम्मीदवारी से बदले सियासी समीकरण, यूपी 2027 पर भी भाजपा की नजर

भोपाल। मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भाजपा द्वारा महेश केवट को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए भाजपा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को भी साधने की कोशिश कर रही है। महेश केवट वर्तमान में मध्य प्रदेश राज्य मत्स्यजीवी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं और निषाद-केवट समाज में उनकी मजबूत पहचान मानी जाती है।

यूपी के निषाद-मल्लाह वोट बैंक पर नजर

राजनीतिक जानकारों के अनुसार उत्तर प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप और बिंद समाज निर्णायक भूमिका निभाता है। खासकर पूर्वांचल और नदी तटीय क्षेत्रों की दर्जनों सीटों पर इन समुदायों का प्रभाव माना जाता है। ऐसे में भाजपा महेश केवट को राज्यसभा भेजकर इन वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का संदेश देना चाहती है। माना जा रहा है कि यह कदम भाजपा की दीर्घकालिक चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

बुंदेलखंड में भी दिख सकता है असर

महेश केवट निवाड़ी जिले के ओरछा क्षेत्र से आते हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी समुदाय को मिले बड़े राजनीतिक प्रतिनिधित्व का संदेश सीमावर्ती क्षेत्रों तक भी पहुंचता है। इससे भाजपा को दोनों राज्यों के बुंदेलखंड क्षेत्र में लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सामाजिक और धार्मिक पहचान भी बनी चर्चा का विषय

महेश केवट का परिवार ओरछा में लोकदेवता हरदौल सरकार से जुड़े धार्मिक कार्यों के लिए भी जाना जाता है। उनके परिवार की धार्मिक और सामाजिक पहचान के कारण नाविक एवं मछुआरा समुदाय में उनका विशेष प्रभाव माना जाता है। भाजपा की ओर से उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को सामाजिक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक संदेश दोनों के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यसभा उम्मीदवारों का चयन अक्सर व्यापक रणनीति का हिस्सा होता है। ऐसे में महेश केवट की उम्मीदवारी को मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

यह भी पढ़े:मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक, महेश केवट और मीनाक्षी नटराजन आमने-सामने

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