
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून ने पूर्वांचल के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया, जिसके बाद कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की सक्रियता तेजी से बढ़ रही है और अगले दो दिनों में यह पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर लेगा।
मानसून के प्रवेश के साथ ही प्रदेश के करीब 20 शहरों में तेज बारिश और आंधी दर्ज की गई। कई स्थानों पर अचानक मौसम बदलने से दिन के तापमान में गिरावट आई, जबकि कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं। तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी हुईं, जिससे स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहना पड़ा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्य और पश्चिमी जिलों में भी अगले 48 घंटों के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
मानसून की दस्तक से सबसे अधिक राहत किसानों को मिलने की उम्मीद है। धान, मक्का, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। पर्याप्त वर्षा होने से खेतों में नमी बढ़ेगी और कृषि कार्यों को गति मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए बुवाई और अन्य कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बारिश के मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के बाद जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में साफ पानी का उपयोग करने, जलभराव से बचने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है। वहीं बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह भी दी गई है।
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