उज्जैन में शिप्रा आरती के दौरान महिलाओं और पुजारियों के बीच मारपीट, दीपक बेचने के विवाद ने लिया हिंसक रूप

धार्मिक नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर होने वाली संध्या आरती के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दीपक बेचने को लेकर महिलाओं और पुजारियों के बीच विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया।

जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत आरती स्थल के आसपास दीपक बेचने के अधिकार और स्थान को लेकर हुई। दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। घटना के दौरान पीतल की आरती (आरती स्टैंड) से हमला किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इस दौरान मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई लोगों ने बीच-बचाव कर विवाद को शांत कराने का प्रयास किया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी पक्ष की ओर से कानून का उल्लंघन या हिंसा की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिप्रा तट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल होने आते हैं। ऐसे में धार्मिक स्थल पर हुई इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और आरती स्थल पर व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।

धार्मिक मामलों के जानकारों का कहना है कि आस्था के केंद्रों पर अनुशासन और सौहार्द बनाए रखना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार का विवाद न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को प्रभावित करता है, बल्कि धार्मिक स्थलों की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। इसलिए ऐसे मामलों का शांतिपूर्ण और कानूनी समाधान आवश्यक है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदार लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

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