
झाँसी/राजकुमार शर्मा की रिपोर्ट: भारत की माटी में रचे-बसे त्याग, तपस्या और बलिदान की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने के उद्देश्य से संघर्ष सेवा समिति द्वारा शुक्रवार को झाँसी में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। एस.एम. टावर, झोकन बाग से शुरू हुई यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। आसमान से लगातार बरसती बारिश भी यात्रा में शामिल लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। हाथों में तिरंगा लेकर हजारों लोग देशभक्ति के नारों के साथ यात्रा में शामिल हुए।
तिरंगा यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण 300 मीटर लंबा विशाल तिरंगा रहा। विभिन्न विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने इस विराट तिरंगे को हाथों में थामकर शहर की सड़कों पर मार्च किया। विशाल तिरंगे की छत्रछाया में बच्चों और युवाओं की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया। लगभग आधा दर्जन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने यात्रा में सहभागिता की, जिनमें आदर्श इंटर कॉलेज और जवाहर पब्लिक इंटर कॉलेज का विशेष योगदान रहा।
बारिश के बीच भी जारी रही तिरंगा यात्रा
तिरंगा यात्रा के दौरान झाँसी में बारिश का दौर जारी रहा। कहीं रिमझिम फुहारें तो कहीं तेज बारिश होती रही, लेकिन यात्रा में शामिल लोगों के कदम नहीं रुके। बच्चे, युवा और आम नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर लगातार आगे बढ़ते रहे। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने भी यात्रा का उत्साह बढ़ाया और कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों एवं राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने प्रतिभागियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बारिश के बावजूद यात्रा के दौरान लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। तिरंगे को नमन करते हुए नागरिकों ने यात्रा का स्वागत किया और देशभक्ति के नारों में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
झाँसी की सड़कों पर जीवंत हुआ स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास
तिरंगा यात्रा में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक पात्रों का रूप धारण किया। कोई वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के स्वरूप में नजर आया तो कोई महात्मा गांधी, क्रांतिकारियों, भारतीय सैनिकों और अंग्रेजी सेना के पात्रों के रूप में यात्रा में शामिल हुआ। घोड़ों और बग्घियों पर सजे वीर-वीरांगनाओं के स्वरूप लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
बच्चों ने अपनी वेशभूषा, भाव-भंगिमाओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम पन्ने एक बार फिर झाँसी की सड़कों पर उतर आए हों। विशेष रूप से रानी लक्ष्मीबाई के स्वरूप में सजे बच्चों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विशाल तिरंगे के साथ ऐतिहासिक पात्रों की झांकियों ने यात्रा को केवल एक वाहन या पैदल रैली न बनाकर देश के स्वतंत्रता संघर्ष की स्मृतियों से जोड़ दिया।
भारत माता के जयघोष से गूंजा झाँसी शहर
तिरंगा यात्रा के दौरान “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” सहित देशभक्ति के विभिन्न नारों से झाँसी का वातावरण गूंजता रहा। देशभक्ति गीतों ने यात्रा में शामिल लोगों के उत्साह को और बढ़ा दिया। यात्रा के मार्ग में बड़ी संख्या में नागरिक सड़क के दोनों ओर खड़े रहे। लोगों ने हाथों में लहराते तिरंगे का सम्मान करते हुए यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने प्रतिभागियों पर फूल बरसाकर उनका उत्साहवर्धन किया। बारिश के कारण सड़कें भीगी हुई थीं, लेकिन इसके बावजूद यात्रा की रफ्तार और लोगों का उत्साह बना रहा। बच्चों और युवाओं के चेहरे पर देशभक्ति का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी बढ़ाया उत्साह
भव्य तिरंगा यात्रा में झाँसी सदर विधायक रवि शर्मा, पूर्व मंत्री रविन्द्र शुक्ला, सपा नेता अरविंद वशिष्ठ, संतराम पेंटर और घनश्याम कोरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। संघर्ष सेवा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने यात्रा की व्यवस्थाओं को संभाला। यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक रूप दिया।
इन प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी यात्रा
संघर्ष सेवा समिति की तिरंगा यात्रा एस.एम. टावर, झोकन बाग से प्रारंभ हुई। इसके बाद यात्रा गोविंद चौराहा, सैयर गेट, मिनर्वा चौराहा, रानी महल, बड़ा बाजार और सिंधी तिराहा होते हुए लक्ष्मी व्यायाम मंदिर प्रांगण पहुंची। लक्ष्मी व्यायाम मंदिर प्रांगण में यात्रा का समापन किया गया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।
डॉ. संदीप सरावगी बोले- शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है तिरंगा यात्रा
संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि उन अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है, जिनके त्याग और बलिदान से देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ना और उनके मन में देशप्रेम की भावना को और प्रबल करना है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष और बलिदानों की जानकारी होना जरूरी है, ताकि वह देश की स्वतंत्रता के महत्व को समझ सके।
प्रशासन और पुलिस का रहा महत्वपूर्ण सहयोग
भव्य तिरंगा यात्रा को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। यात्रा के दौरान पुलिस और यातायात कर्मियों की मुस्तैदी के चलते यातायात व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला गया। हजारों लोगों की मौजूदगी और बारिश के बीच भी यात्रा निर्धारित मार्ग से व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ती रही। यातायात पुलिस और पुलिस बल की तैनाती के कारण यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी ने तिरंगा यात्रा के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं यातायात पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और आमजन रहे मौजूद
इस अवसर पर जवाहर इंटर कॉलेज के प्रबंधक अभय अग्रवाल, आदर्श इंटर कॉलेज के प्रबंधक संजीव विश्वकर्मा, प्रधानाचार्य तरुण कुमार के साथ शिक्षक मनीष यादव, जय मिश्रा, मो. इज़हार, देवेन्द्र सविता, हरिनाम राठौर, संजय, अमित, आर्यन मेकअप मंत्रक डायरेक्टर हेमंत कुशवाह, सचिन दुबे, छोटे चौबे, बबुआ राजा, बंटी सेन, दीपक तिवारी, अरविंद पलया, दिनेश साहू, राजकुमार यादव, दीपक यादव, तीरथ प्रजापति, राहुल सिंह पार्षद बरुआ सागर, अमित श्रीवास्तव, विक्की राजपूत, शैलेन्द्र पाल, सचिन राजपूत, नीता माहौर, कुसुम साहू, रामजी परिहार, अनूप खरे ओरछा, मीना मसीह, साइमा खान, रिजवान खान, नेहा, सरस्वती, रक्षा, पूजा, सुनीता, शबनम, सारा, वती, निखिल, भूपेंद्र यादव, काके सरदार, रानी और किशन सहित हजारों की संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
राष्ट्रभक्ति, एकता और अखंडता का संदेश छोड़ गई यात्रा
संघर्ष सेवा समिति के आह्वान पर निकली यह विशाल तिरंगा यात्रा बारिश के बीच भी झाँसी की सड़कों पर राष्ट्रभक्ति का संदेश देती रही। 300 मीटर लंबे तिरंगे के साथ हजारों विद्यार्थियों और नागरिकों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। रानी लक्ष्मीबाई और स्वतंत्रता संग्राम के अन्य पात्रों के स्वरूप में शामिल विद्यार्थियों ने जहां झाँसी के गौरवशाली इतिहास को याद कराया, वहीं भारत माता के जयघोष, वंदे मातरम् के नारों और लहराते तिरंगे ने पूरे शहर में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया। बारिश की बूंदों के बीच निकली यह तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति, एकता और अखंडता का संदेश छोड़ गई। यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह इस बात का प्रतीक रहा कि देश के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना मौसम की बाधाओं से नहीं रुकती।
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