
सागर और मकरोनिया की पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए ‘प्रोजेक्ट-6बी सागर-मकरोनिया जलप्रदाय उन्नयन योजना’ का संचालन कर रही टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कंपनी की लगातार लापरवाही, अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन और खराब जलापूर्ति व्यवस्था को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
बैठक में महापौर संगीता सुशील तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, मकरोनिया नगर परिषद अध्यक्ष मिहीलाल अहिरवार, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) को कंपनी के खिलाफ नियमानुसार नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा में सामने आया कि 24 घंटे जलापूर्ति का वादा पूरा नहीं किया गया और शहर में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई की जा रही थी। जलकर बिल वितरण, उपभोक्ता डेटा प्रबंधन और पाइपलाइन रखरखाव में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने बिना अनुमति संचालन कार्य दूसरी एजेंसी को सौंप दिया था, जबकि वाल्वमैनों का भुगतान नहीं होने से हाल ही में शहर की जलापूर्ति भी प्रभावित हुई थी।
बैठक में वित्तीय और तकनीकी खामियों पर भी चर्चा हुई। नगर निगम का कहना है कि जहां कंपनी ने डेढ़ वर्ष के कार्य के लिए 12 करोड़ रुपये की मांग की, वहीं निगम स्वयं यह व्यवस्था प्रतिवर्ष लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये में संचालित करता रहा है। पाइपलाइन रखरखाव में लापरवाही के कारण नगर निगम को अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित किया जाए। टाटा प्रोजेक्ट्स के हटने के बाद अब सागर नगर निगम और मकरोनिया नगर पालिका अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी स्वयं संभालेंगे, ताकि नागरिकों को निर्बाध और बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।








