
भारत और जापान के रिश्तों को नई मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री के बीच गुरुवार को उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने आत्मीयता दिखाते हुए जापानी प्रधानमंत्री को अपनी “छोटी बहन” बताया। इस विशेष संबोधन ने दोनों देशों के बीच गहरे होते संबंधों की चर्चा को और बल दिया।
दोनों नेताओं के बीच हुई वार्ता में फार्मास्युटिकल, रक्षा, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और नई साझेदारियों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इससे भारत-जापान के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
बैठक के दौरान फार्मा और डिफेंस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी सहमति बनी। दोनों देशों ने रक्षा तकनीक, संयुक्त अनुसंधान, औद्योगिक सहयोग और उन्नत तकनीकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके अलावा जापानी कंपनियों द्वारा भारत में निवेश बढ़ाने और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और मुक्त समुद्री मार्गों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता और नई तकनीकों के विकास में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
बैठक के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को और गहरा करने का संकल्प दोहराया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से भारत और जापान के बीच आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी साझेदारी को नया आयाम मिलेगा तथा आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।
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