
सागर/मनीष कुमार चौबे की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के सागर नगर निगम में पिछले 18 दिनों से अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने फिलहाल आंदोलन को सोमवार तक स्थगित कर दिया है। यह निर्णय सागर विधायक शैलेन्द्र जैन द्वारा कर्मचारियों की मांगों पर दो दिनों के भीतर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिए जाने के बाद लिया गया। हालांकि कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय सीमा तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।
18 दिनों से बंद था कामकाज
नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था, कार्यालयीन कार्य और कई नागरिक सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। कर्मचारी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर निगम प्रशासन से समाधान की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं होने पर उन्होंने कामबंद हड़ताल शुरू कर दी थी।
कमिश्नर कार्यालय तक निकाला जुलूस
शुक्रवार को नगर निगम एवं नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रांतीय सचिव एवं सागर संभाग प्रभारी राजेश सिंह राजपूत, संयुक्त कर्मचारी कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष हरेन्द्र खटीक और इकाई अध्यक्ष वर्षा समद्र के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी पंडित मोतीलाल स्कूल परिसर में एकत्रित हुए। यहां से सभी कर्मचारियों ने रैली निकालकर संभाग आयुक्त कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ये भी पढ़े – सागर: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कमिश्नर समेत कई अधिकारियों ने लगाए 100 से अधिक पौधे
सागर: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कमिश्नर समेत कई अधिकारियों ने लगाए 100 से अधिक पौधे
विधायक शैलेन्द्र जैन ने दिया भरोसा
आंदोलन के दौरान विधायक शैलेन्द्र जैन स्वयं नगर निगम कार्यालय पहुंचे और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। उन्होंने कर्मचारियों की जायज मांगों पर दो दिन के भीतर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। साथ ही हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर हुई दंडात्मक कार्रवाई वापस कराने का भी भरोसा दिलाया। विधायक के आश्वासन के बाद कर्मचारी संगठनों ने आपसी सहमति से सोमवार तक हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया।
कर्मचारियों ने दी चेतावनी
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि सोमवार तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे फिर से हड़ताल शुरू करेंगे। उनका कहना है कि पिछले एक वर्ष से लगातार मांगों को लेकर निगम प्रशासन से चर्चा की जा रही है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला है।
महिला कर्मचारियों ने उठाई नियमितीकरण की मांग
इकाई अध्यक्ष वर्षा समद्र सहित महिला कर्मचारियों ने बताया कि कई महिला सफाई कर्मचारी लगभग 20 वर्षों से दैनिक वेतनभोगी अथवा स्थायी कर्मी के रूप में कार्य कर रही हैं, लेकिन आज तक उनका नियमितीकरण नहीं हुआ। उन्होंने नियमित नियुक्ति को अपनी सबसे बड़ी मांग बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर वे पीछे हटने वाली नहीं हैं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
नगर निगम कर्मचारियों ने जिन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन किया है, उनमें शामिल हैं—
- योग्य कर्मचारियों की पदोन्नति।
- प्रत्येक माह की 5 तारीख तक वेतन भुगतान।
- लगभग 8 करोड़ रुपये की लंबित जीपीएफ राशि जमा कराना।
- करीब 2.50 करोड़ रुपये की एनपीएस राशि जमा करना।
- स्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण।
- अनुकंपा नियुक्तियों का शीघ्र निराकरण।
- समयमान वेतनमान का लाभ।
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का भुगतान।
- सफाई कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान राजेन्द्र मलैया, मनोज चौबे, राजेश चौबे, चंद्रविजय गौर, अनिल दुबे, प्रसन्न तिवारी, अनिरुद्ध चांचोदिया, भरत चांचोदिया, कुलदीप वाल्मीकि, सुदेश सनकत, देवकुमार चौबे, वर्षा समद्र, सरवन करोसिया, सूरज मछंदर, राजेन्द्र सनकत, सुरेन्द्र महावत, सविता दुबे, महेश करोसिया, भोलाप्रसाद कारोलिया, आकाश करोसिया, शकुंतला गोस्वामी, सुंदरलाल जैन, राधेलाल, सुदामा मछंदर, रमेश बोहत, दीपक ज्ञान, संजय रैकवार, अजय रैकवार, अजय मछन्दर, गुड्डा यादव, नीरज कोरी, रंजीत साहू, विजय महावत, विकास गुरु, रज्जन करोसिया, नन्हेभाई पटैल और विनोद साहू सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि सोमवार तक सरकार और निगम प्रशासन की ओर से संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।
- sagar-municipal-corporation-employees-strike-postponed-until-monday-after-mla-shailendra-jain-assurance








