
सागर।मनीष कुमार चौबे| पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय, सागर में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय ‘कारगिल विजय दिवस 1999’ रखा गया, जिसमें विद्यार्थियों ने भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य और बलिदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के निर्देशन में हुआ।
राष्ट्रभक्ति और सेना के सम्मान का दिया संदेश
महाविद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना, सीमा सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा भारतीय सेना के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान का भाव उत्पन्न करना था। प्रतियोगिता में 14 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के पराक्रम पर अपने विचार व्यक्त किए।
‘सैनिकों का बलिदान राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा’
प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वीर जवानों का बलिदान हर नागरिक को अपने क्षेत्र में ईमानदारी और निष्ठा से कार्य कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
भूपेंद्र प्रजापति प्रथम, 26 जुलाई को होगा सम्मान
निर्णायकों के मूल्यांकन के आधार पर भूपेंद्र प्रजापति ने प्रथम, गुलाब बाई अहिरवार ने द्वितीय और देवेश पटेल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को 26 जुलाई को आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह में मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिलाषा जैन और डॉ. राखी गौर ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, विद्वान और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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