
टीकमगढ़/ दित्यपाल राजपूत: पलेरा क्षेत्र के ग्राम अलोपा में शासकीय आंगनबाड़ी केंद्र पिछले करीब छह महीने से बंद होने का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र पर लगातार ताला लटका होने के कारण छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को मिलने वाली पोषण संबंधी सरकारी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने महिला एवं बाल विकास विभाग से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
छह महीने से बंद होने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र लंबे समय से नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहा है। इससे बच्चों को समय पर पूरक पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है। साथ ही गर्भवती और धात्री महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण पर भी असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र बंद रहने के कारण बच्चों का नियमित वजन, स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य गतिविधियां भी नहीं हो पा रही हैं। उनका आरोप है कि इससे बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
विभागीय अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि छह महीने से केंद्र बंद होने के बावजूद महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित पर्यवेक्षक और अधिकारियों ने अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से मामले की जांच कर जल्द से जल्द आंगनबाड़ी केंद्र को नियमित रूप से संचालित कराने की मांग की है, ताकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
नोट: यह खबर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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