कल से महंगा हो सकता है बस का सफर: मध्यप्रदेश में बस किराये में 60% तक बढ़ोतरी की तैयारी

सागर: मध्यप्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए किराया बढ़ोतरी की खबर सामने आई है। प्रदेश में बस किराये की मौजूदा दर ₹1.25 प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर ₹2 प्रति किलोमीटर किए जाने की जानकारी है। इस हिसाब से किराये में करीब 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे रोजाना बस से सफर करने वाले छात्रों, कर्मचारियों, मजदूरों और आम यात्रियों के बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है। हालांकि, प्रत्येक रूट पर यात्रियों से कितना किराया वसूला जाएगा, यह संबंधित रूट की आधिकारिक किराया सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

बस ऑपरेटरों की हड़ताल की चेतावनी के बाद फैसला

मध्यप्रदेश बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने सागर में आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में सरकार के सामने अपनी 7 सूत्रीय मांगें रखी थीं। ऑपरेटरों ने मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में 7 अगस्त से प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी थी। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से किराया बढ़ाने का फैसला किए जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद बस ऑपरेटरों ने प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली।

₹100 का सफर ₹160 तक पहुंचने की संभावना

नई दर ₹2 प्रति किलोमीटर लागू होने पर पुराने किराये की तुलना में यात्रियों को अधिक भुगतान करना पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, जिस दूरी के लिए वर्तमान दर के हिसाब से करीब ₹100 किराया लगता है, उसी दूरी के लिए नई दर पर करीब ₹160 तक किराया हो सकता है। हालांकि, वास्तविक किराया रूट, बस की श्रेणी और सरकार द्वारा जारी आधिकारिक किराया सूची के आधार पर निर्धारित होगा।

आरटीओ ने दी मनमाना किराया वसूलने पर कार्रवाई की चेतावनी

सागर आरटीओ मनोज कुमार तेहनगुरिया के अनुसार, नई दरों के आधार पर प्रत्येक रूट की आधिकारिक किराया सूची तैयार की जा रही है। सूची जारी होने के बाद ही संबंधित मार्गों पर निर्धारित किराया लागू होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधिकारिक किराया सूची जारी होने से पहले यदि कोई बस ऑपरेटर यात्रियों से मनमाना या बढ़ा हुआ किराया वसूलता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यात्रियों में बढ़ी नाराजगी

बस किराये में अचानक संभावित बढ़ोतरी को लेकर यात्रियों में नाराजगी है। खासतौर पर रोजाना बस से आने-जाने वाले छात्र, कर्मचारी और मजदूरों का कहना है कि पहले से महंगाई के बीच किराये में इतनी बड़ी वृद्धि उनके मासिक खर्च को और बढ़ा देगी। यात्रियों का कहना है कि सरकार को बस ऑपरेटरों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ आम जनता पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ का भी ध्यान रखना चाहिए।

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    Rashel Kachwah Rajput

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