
भोपाल|आदि मिश्रा| भोपाल में विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा की कथित चुप्पी को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासी सम्मान और सशक्तिकरण के बड़े दावे करती है, लेकिन महत्वपूर्ण अवसर पर शीर्ष नेतृत्व की ओर से समाज को शुभकामना तक नहीं दी गई। कांग्रेस ने इसे आदिवासी समाज के प्रति भाजपा की प्राथमिकता से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
कांग्रेस ने भाजपा की राजनीतिक सोच पर उठाए सवाल
रामू टेकाम ने कहा कि सवाल सिर्फ विश्व आदिवासी दिवस पर शुभकामना देने या नहीं देने का नहीं है। मुद्दा आदिवासी समाज के प्रति राजनीतिक सोच और प्राथमिकता का है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव के दौरान आदिवासी समाज को विशेष महत्व दिया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनके मूल मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों के साथ रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे आज भी महत्वपूर्ण हैं। पार्टी का आरोप है कि आदिवासी समाज को केवल प्रचार और चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं किया जा सकता। समाज को सम्मान के साथ अपने अधिकारों और विकास के अवसर भी चाहिए।
रोजगार, शिक्षा और वनाधिकार कानून पर सरकार से जवाब मांगा
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार से आदिवासी क्षेत्रों में विकास को लेकर कई सवाल पूछे हैं। पार्टी ने पूछा कि आदिवासी युवाओं के लिए कितने रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में कितना सुधार हुआ है। इसके साथ ही वनाधिकार कानून के तहत प्राप्त दावों का कितनी पारदर्शिता से निराकरण किया गया है।
कांग्रेस ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को भी आदिवासी समाज के अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार से जमीन पर ठोस परिणाम दिखाने की मांग की। पार्टी का कहना है कि आदिवासी समाज को केवल पोस्टर, प्रचार और चुनावी वादों तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
कांग्रेस बोली- आदिवासी समाज को वोट बैंक नहीं, भागीदार मानें
कांग्रेस ने भाजपा से आदिवासी समाज को वोट बैंक की राजनीति से अलग देखने की मांग की। पार्टी ने कहा कि आदिवासी समाज देश के विकास का समान भागीदार है। इसलिए उनके अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ संवैधानिक अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है।
विश्व आदिवासी दिवस पर कांग्रेस ने भाजपा की कथित चुप्पी को मुद्दा बनाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी ने आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और वनाधिकार से जुड़े सवाल उठाए हैं। वहीं भाजपा की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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