E20 Petrol: कार कंपनियों को सता रहा नया डर, ईमेल से सामने आई चिंता

भारत में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच ऑटोमोबाइल कंपनियों की अंदरूनी चिंताएं सामने आई हैं। रॉयटर्स की समीक्षा में सामने आए ईमेल के अनुसार मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा के अधिकारियों ने E20 पेट्रोल में क्लोराइड और नमी की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई थी। कंपनियों ने 18 राज्यों से जुटाए गए 250 से अधिक ईंधन नमूनों में निर्धारित सीमा से ज्यादा संदूषण पाए जाने की बात उठाई थी।

E20 पेट्रोल में क्लोराइड और नमी को लेकर चिंता

आंतरिक बातचीत के अनुसार कंपनियों की चिंता E20 में मौजूद 20 प्रतिशत इथेनॉल से ज्यादा ईंधन के संभावित संदूषण को लेकर थी। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ नमूनों में क्लोराइड और नमी का स्तर तय मानकों से अधिक पाया गया। कंपनियों को आशंका थी कि ज्यादा क्लोराइड वाहन के कुछ हिस्सों में जंग और क्षरण का कारण बन सकता है।

वहीं, ईंधन में ज्यादा नमी वाहन के प्रदर्शन और फ्यूल सिस्टम पर असर डाल सकती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों ने इन संभावित जोखिमों को लेकर आपस में चर्चा की थी। हालांकि, इन निष्कर्षों की स्वतंत्र तकनीकी जांच जरूरी है और इन्हें सभी E20 ईंधन पर लागू सामान्य स्थिति नहीं माना जा सकता।

शिकायत उठाने के बाद SIAM ने वापस लिया पत्र

E20 को लेकर ऑटो इंडस्ट्री की चिंता उस समय और चर्चा में आई, जब सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने 28 जुलाई को सरकार के सामने ईंधन में संदूषण से जुड़ा मुद्दा उठाया। बाद में SIAM ने यह पत्र वापस ले लिया और कहा कि उसमें दिए गए कुछ आंकड़ों को और सत्यापित करने की जरूरत है।

इस घटनाक्रम के बाद E20 की गुणवत्ता और स्टोरेज व्यवस्था पर बहस तेज हो गई है। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों ने 7 अगस्त को कहा था कि E20 पेट्रोल निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करता है। उनके अनुसार रिफाइनरी, डिपो और टर्मिनल स्तर पर किए गए परीक्षणों में क्लोराइड की मात्रा निर्धारित सीमा के भीतर मिली।

सरकार और कंपनियों के दावों में दिखा अंतर

एक तरफ तेल कंपनियां E20 की गुणवत्ता को लेकर आश्वस्त कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सामने आए आंतरिक ईमेल ईंधन के संदूषण को लेकर वाहन निर्माताओं की चिंता दिखाते हैं। इसी वजह से मामले में वैज्ञानिक और स्वतंत्र जांच की मांग महत्वपूर्ण हो गई है।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सामने आई जानकारी मुख्य रूप से आंतरिक चर्चाओं और परीक्षणों से जुड़ी है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि E20 पेट्रोल से हर वाहन में इंजन या फ्यूल सिस्टम की समस्या होगी। वाहन की उम्र, डिजाइन, ईंधन की गुणवत्ता और स्टोरेज जैसी परिस्थितियां भी असर डाल सकती हैं।

E20 पेट्रोल को लेकर सामने आए ईमेल ने ऑटो सेक्टर की उन चिंताओं को उजागर किया है, जो सार्वजनिक बहस में अब तक सीमित रूप से सामने आई थीं। क्लोराइड और नमी से जुड़े संभावित संदूषण को लेकर कंपनियों ने चिंता जताई थी, जबकि SIAM ने बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली। अब ईंधन गुणवत्ता की स्वतंत्र और वैज्ञानिक जांच से ही स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी।

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