
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: जिले के अमोला क्रेशर क्षेत्र की खरवांचा टपरी स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने 25 अगस्त 2026 को कलेक्टर को आवेदन सौंपकर स्कूल में पदस्थ शिक्षक कमलेश आर्य और महेन्द्र लोधी को हटाने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में बच्चों से पढ़ाई कराने के बजाय झाड़ू लगवाने, पानी भरवाने, बाथरूम साफ कराने और झूठे बर्तन साफ करवाने जैसे काम कराए जा रहे हैं।
बच्चों से सफाई कराने का आरोप
ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को दिए गए आवेदन के अनुसार, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से कथित तौर पर नियमित रूप से विभिन्न काम करवाए जाते हैं। इनमें बाथरूम की सफाई, पानी भरना, झाड़ू लगाना और भोजन के बाद झूठे बर्तन साफ करना शामिल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल भेजा जाता है, लेकिन वहां उनसे इस तरह के काम कराए जाने से उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।
काम से इनकार करने पर मारपीट का आरोप
शिकायत में ग्रामीणों ने शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि बच्चे कथित तौर पर इन कामों को करने से इनकार करते हैं तो उनके साथ मारपीट की जाती है।
हालांकि, ये आरोप ग्रामीणों की ओर से दिए गए आवेदन में लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पढ़ाई प्रभावित होने का भी दावा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में बच्चों को अपेक्षित तरीके से पढ़ाई नहीं कराई जा रही है। उनका कहना है कि स्कूल में शिक्षा का माहौल बेहतर होने के बजाय बच्चों से दूसरे काम करवाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि विद्यालय की व्यवस्थाओं की जांच कर बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जाए।
शिकायत करने पर अभद्रता का आरोप
आवेदन में ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने बच्चों से काम कराए जाने को लेकर शिक्षकों से शिकायत की तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और गाली-गलौज की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्यालय में किसी तरह की अनियमितता है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कलेक्टर से शिक्षकों को हटाने की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कमलेश आर्य और महेन्द्र लोधी को विद्यालय से हटाने की मांग भी की है।
अब इस शिकायत के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की जांच पर नजर रहेगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
नोट: बच्चों से सफाई और अन्य काम कराने, मारपीट तथा शिक्षकों द्वारा अभद्र व्यवहार के आरोप फिलहाल ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को दिए गए शिकायत आवेदन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।
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