
नई दिल्ली: नेपाल में आई विनाशकारी तबाही के बाद भारत ने एक बार फिर पड़ोसी और ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ (प्रथम मददगार) का धर्म निभाते हुए नेपाल को बड़े पैमाने पर राहत सामग्री भेजी है। बुधवार को रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद भारत सरकार ने 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत सामग्री और आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं वायुसेना के विमान से नेपाल रवाना की हैं।
भारतीय वायुसेना का C-130J विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर रवाना
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस राहत अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि नेपाल में आई बाढ़ से निपटने के लिए भारत ने 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाओं की पहली खेप भेजी है। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत संकट की इस घड़ी में नेपाल और वहां की जनता के साथ मजबूती से खड़ा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय वायुसेना के सी-130जे (C-130J) सुपर हरक्यूलिस विमान के जरिए सामग्री भेजी गई है, जिसमें शामिल हैं. अस्थायी शेल्टर और आश्रय सामग्री, कंबल और स्वच्छता (हाइजीन) किट, सोलर लैंप और आपातकालीन रोशनी, जीवनरक्षक और आवश्यक दवाएं. भारतीय वायुसेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सी-17 और सी-130 विमानों के माध्यम से आगे भी मदद भेजी जाएगी, जबकि जमीनी स्तर पर बचाव और फंसे हुए लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए भारतीय हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम से की बात
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से टेलीफोन पर बात कर त्रासदी में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल को हर संभव मानवीय और ढांचागत मदद देने का आश्वासन दिया। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत के लोग इस कठिन समय में अपने नेपाली भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं और दोनों देशों की एजेंसियां राहत व बचाव कार्यों के लिए बेहतर समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
नेपाल दूतावास का बयान और जमीनी हालात
नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने इस तबाही के पैमाने को अत्यधिक गंभीर बताया है। दूतावास के अनुसार, कई विदेशी नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। फिलहाल दोनों देशों का प्राथमिक उद्देश्य खोज एवं बचाव अभियान चलाकर लोगों की जान बचाना और प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाना है। बुधवार को उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में आए उफान के कारण भारी तबाही हुई है, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की आशंका है और सैकड़ों लोग लापता हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
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