
नई दिल्ली: दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एक गंभीर मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को आरोपी दीपक खत्री की 3 दिन की पुलिस कस्टडी (रिमांड) दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि कस्टोडियल पूछताछ अनिवार्य है, क्योंकि इस मामले में लगे आरोप सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की अखंडता से जुड़े हुए हैं। दीपक खत्री कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम का सदस्य है, जिसे दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाल ही में गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
IGI एयरपोर्ट से गिरफ्तारी और लुकआउट सर्कुलर
दीपक खत्री के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने पहले ही एक ‘लुकआउट सर्कुलर’ जारी किया हुआ था। बुधवार को जैसे ही वह देश से बाहर भागने की फिराक में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचा, वहां सुरक्षा अधिकारियों और क्राइम ब्रांच ने उसे रोककर तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
गैंगस्टरों के बीच मध्यस्थता और संदेशों के आदान-प्रदान का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, वकील दीपक खत्री केवल कानूनी टीम का हिस्सा ही नहीं था, बल्कि उस पर विभिन्न आपराधिक गिरोहों के सदस्यों के बीच एक अहम कड़ी (मैसेंजर) के रूप में काम करने का गंभीर संदेह है। आरोप है कि वह जेल के भीतर और बाहर सक्रिय गैंगस्टरों के बीच तालमेल बिठाने और उनके संदेशों का आदान-प्रदान कराने में मदद कर रहा था।
कश्मीरी गेट में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ाव
इसी वर्ष फरवरी महीने में दिल्ली के कश्मीरी गेट (यमुना बाजार) इलाके में दीपक खत्री और उसके सहयोगियों पर अज्ञात हमलावरों द्वारा ताबड़तोड़ गोलीबारी की गई थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उस फायरिंग की घटना और गैंगस्टरों के आपस में जुड़े तार का इस नेटवर्क से क्या संबंध है।
पुलिस कस्टडी के दौरान जांच का मुख्य केंद्र
राउज़ एवेन्यू कोर्ट से मिली 3 दिन की पुलिस रिमांड के दौरान क्राइम ब्रांच दीपक खत्री से यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि बिश्नोई गैंग का यह लीगल और मैसेजिंग नेटवर्क और कहां-कहां तक फैला हुआ है तथा इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
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