
संसद के बजट सत्र के चौथे दिन राजनीतिक माहौल गर्माता नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के पास न कोई ठोस विचार है, न विज़न और न ही देश के लिए कोई स्पष्ट योजना।
पीएम मोदी का विपक्ष पर निशाना
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि देश तेज़ी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन विपक्ष लगातार नकारात्मक राजनीति कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी सिर्फ आलोचना करती है, जबकि उसके पास कोई ठोस विकल्प या नीति नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनका असर ज़मीन पर दिखाई दे रहा है।
विकास और योजनाओं का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की प्रमुख योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि:
- बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश किए गए
- डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला
- गरीब कल्याण योजनाओं से करोड़ों लोगों को फायदा हुआ
- स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ताकत मिली
उन्होंने दावा किया कि भारत वैश्विक स्तर पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनकर उभर रहा है।
विपक्ष का विरोध और हंगामा
प्रधानमंत्री के बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।
कुछ सांसदों ने महंगाई, बेरोजगारी और व्यापार समझौतों जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगा, जिसके चलते सदन में हंगामे जैसी स्थिति भी देखने को मिली।
बजट सत्र में आगे क्या?
बजट सत्र के दौरान आने वाले दिनों में:
- विभिन्न मंत्रालयों की मांगों पर चर्चा
- वित्तीय प्रस्तावों पर बहस
- विपक्ष और सरकार के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी
जैसे मुद्दे सदन में केंद्र में रहने वाले हैं।
निष्कर्ष
बजट सत्र के चौथे दिन प्रधानमंत्री मोदी के कांग्रेस पर तीखे हमले से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। आने वाले दिनों में संसद में आर्थिक मुद्दों और नीतिगत फैसलों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने की संभावना है।









