
गुना/आरोन, ब्यूरो रिपोर्ट : गौरव शर्मा (ब्रांडवाणी): आरोन कस्बे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विभाग की टीम ने कुछ चुनिंदा क्लीनिकों पर ही छापेमारी कर उन्हें सील किया, जबकि कई अन्य झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिकें खुलेआम संचालित होती रहीं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार, कस्बे में लंबे समय से बिना डिग्री और आवश्यक अनुमति के कई लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विभाग ने केवल 2-3 क्लीनिकों पर कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर ली, जबकि अन्य कई अवैध क्लीनिकों को छोड़ दिया गया। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सभी झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ समान रूप से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस मामले में सीबीएमओ डॉ. के.एन. भिलावारे ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की पूरी जानकारी नहीं है। उनके अनुसार, “हमारे संज्ञान में यह पूरी कार्रवाई नहीं लाई गई है।”
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