
बागेश्वर धाम: प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बद्रीनाथ धाम में अपनी साधना और धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद बागेश्वर धाम के लिए प्रस्थान करते हुए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया। एक दिवसीय साधना और पांच दिवसीय श्री सत्यनारायण भगवान की कथा पूर्ण करने के बाद वे बद्रीनाथ धाम से सड़क मार्ग के जरिए देहरादून होते हुए दिल्ली पहुंचे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली से झांसी तक ट्रेन से यात्रा कर आम नागरिकों के बीच सार्वजनिक परिवहन के उपयोग का संदेश दिया।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील किए जाने के बाद बागेश्वर सरकार ने इस संदेश को व्यवहार में उतारते हुए निजी वाहन, विमान या अन्य विशेष साधनों के बजाय ट्रेन से यात्रा करने का निर्णय लिया। उनकी इस यात्रा को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बागेश्वर सरकार पहले भी अपने प्रवचनों और कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं से सार्वजनिक परिवहन अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील करते रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने स्वयं ट्रेन यात्रा कर लोगों के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया। आम यात्रियों के साथ सफर कर उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग केवल सुविधाजनक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
उनकी इस पहल की श्रद्धालुओं और समर्थकों के बीच व्यापक चर्चा हो रही है। कई लोगों ने इसे जनजागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ा सकारात्मक कदम बताते हुए सराहना की है। बागेश्वर सरकार की यह यात्रा सार्वजनिक परिवहन के प्रति लोगों को प्रेरित करने और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रयास मानी जा रही है।
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