
बीना (सागर)।मनीष कुमार चौबे/ सागर जिले की कृषि उपज मंडी समिति बीना में सोमवार को मंडी सचिव और एक कर्मचारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। विवाद नई खरीदी की अनुमति रोके जाने को लेकर शुरू हुआ, लेकिन इसके साथ ही मंडी के सरकारी कवर्ड शेडों पर कथित कब्जे का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है।
नई खरीदी पर रोक के बाद बढ़ा विवाद
मंडी सचिव प्रकाश मार्को के अनुसार, अशोकचंद शिखरचंद फर्म की व्यापार आईडी सरकारी कवर्ड शेड में नियमों के विरुद्ध कृषि उपज का भंडारण करने के कारण निलंबित की गई थी। नोटिस के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर नई खरीदी की अनुमति रोक दी गई। आरोप है कि इसी से नाराज होकर फर्म संचालक मंडी कार्यालय पहुंचे और सचिव तथा सहायक ग्रेड-3 वीरेंद्र राजपूत के साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
सरकारी शेडों पर कब्जे का मुद्दा फिर गरमाया
घटना के बाद मंडी के सरकारी कवर्ड शेडों के उपयोग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसानों के लिए बनाए गए तीन सरकारी शेडों में लंबे समय से कुछ व्यापारियों का कब्जा है। इसके चलते किसानों को अपनी उपज खुले मैदान या सड़क किनारे रखने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे बारिश के मौसम में नुकसान का खतरा बना रहता है।
पहले भी हुई थी समझौते की कोशिश
बताया गया है कि दो दिन पहले क्षेत्रीय विधायक निर्मला सप्रे ने दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया था। उस दौरान पहले से रखे अनाज की निकासी की अनुमति दे दी गई थी, लेकिन नई खरीदी शुरू करने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद सोमवार को विवाद बढ़ गया।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
मंडी सचिव ने बीना थाने में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। पूरे मामले की जानकारी एसडीएम और एसडीओपी को भी भेजी गई है।
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