
बुरहानपुर: अवैध ऑटो संचालन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि जिले में हजारों ऑटो बिना परमिट, बिना फिटनेस और बिना वैध दस्तावेजों के सड़कों पर चल रहे हैं। यूनियन का दावा है कि जिले में करीब 2 से 3 हजार ऑटो संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल 5 प्रतिशत ऑटो ही पूरी तरह वैध हैं, जबकि बाकी ऑटो नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
यूनियन अध्यक्ष बाडू जगताप ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रशासन और परिवहन विभाग को शिकायतें दी जा रही हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से अवैध ऑटो संचालन का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है।
यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि अवैध ऑटो चालक न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि आए दिन विवाद और झगड़े की घटनाएं भी सामने आती हैं। कई बार कार्रवाई के दौरान ऑटो चालक मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं। यूनियन सदस्य मयूर भावसार ने आरोप लगाया कि जिले में 15 साल से कम उम्र के बच्चे तक ऑटो चलाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि अवैध ऑटो संचालन के कारण वैध ऑटो चालकों का रोजगार प्रभावित हो रहा है और यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
इस पूरे मामले की शिकायत एक बार फिर हर्ष सिंह से की गई है। यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि बिना दस्तावेजों के चल रहे ऑटो और नाबालिग चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर प्रशासन और परिवहन विभाग अवैध ऑटो संचालन पर कब तक कार्रवाई करेगा और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा।
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