
छतरपुर/अमित अवस्थी: छतरपुर जिले में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत प्रभावित ग्रामों में पुनः सर्वेक्षण और पात्रता आवेदनों की जांच हेतु विशेष जांच दल का गठन किया है। यह कदम ग्रामीणों द्वारा वितरित मुआवजा राशि में दर्ज विसंगतियों और पुनर्वास के लिए प्राप्त अतिरिक्त आवेदनों की जांच के लिए उठाया गया है।
कलेक्टर ने जिला पंचायत सभाकक्ष में जांच दल के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण में कोई भी पात्र व्यक्ति छूटे नहीं और अपात्र व्यक्ति जुड़ने न पाएं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के सर्वे कार्य की जिम्मेदारी
प्रभावित प्रत्येक ग्राम के सर्वे के लिए जिले के विभिन्न विभागों के जिला प्रमुखों की ड्यूटी लगाई गई है। बिजावर अनुभाग से विभिन्न तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं पटवारियों को संयुक्त जांच दल में नियुक्त किया गया है।
पात्रता जांच के निर्देश
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित की पात्रता की जांच पर्ची, मतदाता सूची, बीपीएल कार्ड, बिजली बिल, और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की नाम सूची आदि के आधार पर करें।
परियोजना पूरक रोजगार के निर्देश
छतरपुर जिले के विभागीय जाँच अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, कि प्रभावित ग्रामों में भूमिहीन व्यक्तियों को कैम्प लगाकर शासन की योजनाओं के माध्यम से पूरक रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण से कार्य करना चाहिए ताकि हर पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सके।
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