
छतरपुर: कलेक्टर पार्थ जायसवाल की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में समय-सीमा (टीएल) बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न योजनाओं, बैठकों और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित राजस्व अधिकारी, संभागीय अधिकारी, नगरीय निकायों के सीएमओ और जनपद पंचायतों के सीईओ उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज नामांतरण, सीमांकन, कृषि उपज भुगतान, प्रसूति सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क सुधार और साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देशित किया कि जनपद पंचायतों और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से हैंडपंप सुधार कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही सार्वजनिक हैंडपंपों पर किए गए निजी अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। शिक्षा विभाग को 1000 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बक्सवाहा क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जल निगम के अधिकारियों को प्रत्येक गांव तक जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं गेहूं खरीदी के लंबित भुगतान को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रबंधक नॉन और जीएम सीसीबी को किसानों की बकाया राशि जल्द से जल्द जारी करने के लिए कहा गया। जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत मकान गणना में दर्ज लॉक्ड हाउसों का सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि एसडीएम स्वयं मौके पर जाकर ऐसे मकानों का सत्यापन करें, विशेष रूप से छतरपुर नगर क्षेत्र में इस कार्य को प्राथमिकता दी जाए।
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केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिग्रहण प्रकरणों की सुनवाई 15 दिनों के भीतर पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों को अवार्ड राशि जारी की जाए। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत शेष फॉर्म पॉण्ड निर्माण कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश भी जनपद पंचायतों को दिए गए।
बैठक में बारिश के मौसम को देखते हुए विशेष तैयारियों पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग तथा नगरीय निकायों को स्कूल भवनों, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और अन्य जर्जर सरकारी भवनों का तत्काल सर्वे कर चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा शुरू होने से पहले ऐसे भवनों को सुरक्षित तरीके से हटाने या आवश्यक कार्रवाई करने की जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। इसके अलावा नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों को नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डूब क्षेत्र वाले गांवों में आवश्यक बैठकों का आयोजन कर आपदा प्रबंधन की रणनीति तैयार करने को कहा गया।
कलेक्टर ने जिले के छात्रावासों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और राजस्व अधिकारियों व जनपद सीईओ को अपने-अपने क्षेत्रों के छात्रावासों का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाओं, सामग्री और मरम्मत कार्यों का आंकलन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित और विस्थापित गांवों के पुनर्वास की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि पुनर्स्थापित परिवारों को सभी शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं। शिविरों में समग्र आईडी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। साथ ही जिन गांवों में विस्थापित परिवारों को बसाया जा रहा है वहां शीघ्र विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए गए।
बैठक में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के अधिक से अधिक पंजीयन के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अनुग्रह सहायता राशि और संबल योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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