
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित नोडल विभागों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों और जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में पेयजल व्यवस्था, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और धार्मिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन हुआ और कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए।
मंडी शुल्क में कटौती और कृषि नवाचार
किसानों और व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने खंडवा और बुरहानपुर की मंडियों में कपास उत्पादन पर लगने वाले मंडी शुल्क को 1 रुपये से घटाकर 55 पैसे करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों और आगामी योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
सभी सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस एक बेहतरीन नवाचारी पहल है और इसका फीडबैक बेहद सकारात्मक रहा है। इसके सफल परिणाम को देखते हुए अब इसे प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
पेयजल प्रबंधन और ‘जन्मभूमि से कर्मभूमि तक’ अभियान
भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर नागरिक के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसकी ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर नियमित समीक्षा करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, जल संरक्षण के कार्यों में आमजन को जोड़ने के लिए ‘जन्मभूमि से कर्मभूमि तक’ नामक एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा नर्मदा समग्र अभियान में भी स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए गए।
गरीबों के लिए धर्मशालाएं और धार्मिक पर्यटन का विकास
सामाजिक कल्याण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न समाजों द्वारा बनाई जा रही धर्मशालाओं के निर्माण में सहयोग करेगी, जिससे बाहर से आने वाले गरीब वर्ग के पर्यटकों को ठहरने की सस्ती सुविधा मिल सके। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में बसाहट भूमि की निःशुल्क रजिस्ट्री के कार्य को एक बड़े अभियान के रूप में चलाने के निर्देश दिए गए।
धार्मिक कॉरिडोर की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और चित्रकूट धाम में जारी विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के आदेश दिए। उज्जैन के महाकाल महालोक की तर्ज पर प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और व्यवस्था भी होमगार्ड के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी, जिससे होमगार्ड बल का क्षमता संवर्धन भी होगा।
स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के लिए नई पहल
स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश सरकार एक बड़ी सौगात देने जा रही है, जिसके तहत निःसंतान दंपतियों के लिए सरकारी स्तर पर आईवीएफ (IVF) सेंटर संचालित किए जाएंगे; मुख्यमंत्री ने इसके लिए जल्द कार्य-योजना तैयार करने को कहा है। वहीं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी वर्गों के बच्चों के लिए ‘कॉमन हॉस्टल’ बनाए जाएंगे, जहां वे एक साथ रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। बैठक में तकनीकी विकास को गति देने के लिए एआई (AI), डेटा सेंटर तथा डीपटेक पार्क की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
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