
डबरा/भरत रावत की रिपोर्ट: ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से कलेक्टर रुचिका चौहान शनिवार देर शाम डबरा विकासखंड की पिछोर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत अजयगढ़ पहुंचीं। सिद्धबाबा की पहाड़ी पर आयोजित रात्रिकालीन चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली।
चौपाल में सोजान सिंह रावत सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गांव में ही प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना था। कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
चौपाल के दौरान वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पात्र बुजुर्गों की पहचान कर उन्हें पेंशन योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू करवाई। इसके साथ ही किसानों को फार्मर आईडी, ई-टोकन व्यवस्था और कृषि से जुड़ी अन्य सुविधाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने किसानों से कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही डिजिटल सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा और पारदर्शिता बनी रहे।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति की समस्या भी उठाई। एक बस्ती के निवासियों ने बताया कि उनके क्षेत्र में बिजली सप्लाई बंद है। इस पर कलेक्टर ने तत्काल विद्युत विभाग के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। जांच में सामने आया कि बकाया बिजली बिल के कारण आपूर्ति बंद की गई थी। इस पर संबंधित 15 परिवारों ने बकाया राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा जमा करने की सहमति दी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राशि जमा होते ही बिजली आपूर्ति पुनः प्रारंभ कर दी जाए ताकि ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
चौपाल में एक किसान परिवार ने कृषि कार्य के दौरान करंट लगने से हुई मौत का मामला भी उठाया। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना सहायता योजना के तहत प्रभावित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।
देर रात तक चली इस चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त किए गए। राजस्व, पंचायत, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, विद्युत और अन्य विभागों के अधिकारियों ने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया तथा शेष मामलों के निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का निराकरण शिविर के दौरान संभव है, उनका तत्काल समाधान किया जाए और जिन मामलों में समय लगेगा, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार इतने बड़े स्तर पर अधिकारी गांव में पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी बात सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिला, जिससे कई समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। कार्यक्रम देर रात तक चला और बड़ी संख्या में ग्रामीण इसमें शामिल हुए।
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