
धार/राजकुमार सौलंकी की रिपोर्ट: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने जिला शिक्षा केंद्र के परियोजना समन्वयक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।ब्रांणवाणी को जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई समग्र शिक्षा अभियान के तहत चल रहे निर्माण कार्यों से जुड़ी है, जिसमें शासकीय विद्यालयों में शौचालय निर्माण का कार्य जारी था। करीब 3.42 करोड़ रुपये की लागत से 122 शौचालयों का निर्माण किया जा रहा था, जिसकी निगरानी आवेदक सहायक यंत्री के रूप में कर रहा था।
आरोप है कि जिला शिक्षा केंद्र के परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे द्वारा कार्य पूर्ण होने से पहले ही ‘वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट’ पर हस्ताक्षर करने के एवज में कुल लागत का 5 प्रतिशत यानी लगभग 17 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। लगातार दबाव और अवैध मांग से परेशान होकर संबंधित अधिकारी ने इसकी शिकायत राजेश सहाय से की थी।
शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की। इसके तहत 18 मई 2026 को कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई और आरोपी को 1 लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित संलिप्तताओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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