
भोपाल। राजधानी भोपाल के शैक्षणिक जगत से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। नियमों को ताक पर रखकर काम करने के आरोपों से घिरी रहने वाली आरकेडीएफ (RKDF) यूनिवर्सिटी एक बार फिर बड़े विवादों में है। ताजा मामला नगर निगम के टैक्स की भारी-भरकम चोरी से जुड़ा है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरकेडीएफ कॉलेज परिसर में एक भव्य नई बिल्डिंग का निर्माण तो धड़ल्ले से पूरा कर लिया गया, लेकिन जब बात नगर निगम को टैक्स चुकाने की आई, तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने हाथ खड़े कर लिए या यूं कहें कि जानबूझकर टैक्स दबा लिया।
आंकड़े बताते हैं कि यूनिवर्सिटी पर नगर निगम का ₹2 करोड़ से अधिक का टैक्स बकाया है। इतनी बड़ी राशि का बकाया होना सीधे तौर पर राजस्व को चूना लगाने और करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का मामला बनता है।
आम जनता अगर एक महीने का गृहकर या जलकर न चुकाए, तो नगर निगम तुरंत ढोल बजाकर कुर्की की कार्रवाई करने पहुंच जाता है। फिर इतने बड़े रसूखदार संस्थान पर ₹2 करोड़ से ज्यादा का टैक्स बकाया होने के बाद भी नगर निगम मेहरबान क्यों है?
इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में तूल पकड़ लिया है। भोपाल की जनता अब खुलकर पूछ रही है—क्या इस तरह से सरकार चलेगी?
यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा लगातार नियमों को ठेंगा दिखाए जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होना कई गंभीर संदेहों को जन्म देता है:
* क्या यह नगर निगम और आरकेडीएफ प्रबंधन की आपसी मिलीभगत का खेल है?
* क्या रसूख के दम पर फाइलों को दबाया जा रहा है?
* आखिर कब तक यह यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार को बेवकूफ बनाती रहेगी?
देखना यह है कि इस महाखुलासे के बाद मध्य प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन जागता है या नहीं। जनता की मांग है कि इस मामले में तत्काल **FIR दर्ज की जानी चाहिए** और अवैध तरीके से या बिना टैक्स चुकाए बनाई गई बिल्डिंग पर सख्त कानूनी एक्शन लिया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार ने अपनी साख बचानी है, तो आरकेडीएफ की इस ‘टैक्स चोरी’ पर कड़ा प्रहार करना होगा, नहीं तो यह लापरवाही वर्तमान व्यवस्था पर एक बड़ा दाग साबित होगी। आरकेडीएफ प्रबंधन को यह चोरी आने वाले दिनों में बहुत भारी पड़ने वाली है, क्योंकि ब्रांडवाणी समाचार इस मामले की हर एक परत को जनता के सामने लाता रहेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट: ब्रांडवाणी समाचार, भोपाल (म.प्र.)








