
स्थानांतरण के बाद भी नहीं छूटा ‘पुराना मोह’, वेंडरों और इंजीनियरों की नाक में दम कर रहे आईएएस साहब
प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं। आमतौर पर विभाग बदलने के बाद अधिकारी नई जिम्मेदारियों में व्यस्त हो जाते हैं, लेकिन यहाँ मामला इसके बिल्कुल विपरीत है। यह अधिकारी अपने पुराने विभाग के वेंडरों को लगातार फोन कॉल कर रहे हैं और उनसे व्यक्तिगत फरमाइशें पूरी करने का दबाव बना रहे हैं।
वेंडरों का आरोप है कि साहब कभी उनसे महंगा सामान मंगवाते हैं, तो कभी ऐसे काम सौंप देते हैं जिनमें भारी भरकम खर्च आता है। वेंडरों के बीच इस बात को लेकर खासा रोष है कि जब तक साहब विभाग में तैनात थे, तब तक उनकी मांगों को किसी तरह झेला गया, लेकिन अब विभाग बदलने के बावजूद उनका पीछा नहीं छूट रहा है। यह स्थिति वेंडरों के लिए व्यावसायिक और मानसिक दोनों रूप से परेशानी का सबब बन गई है।
हैरानी की बात यह है कि इस अधिकारी का व्यवहार केवल पुराने संपर्कों तक सीमित नहीं है। जिस नए विभाग में उनकी वर्तमान में पदस्थापना हुई है, वहां के इंजीनियर भी उनकी कार्यप्रणाली से त्रस्त हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि उनकी लगातार बढ़ती मांगों और गैर-जरूरी दबाव के कारण इंजीनियर महज कुछ ही महीनों में काम छोड़ने की स्थिति में आ गए हैं।
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