
लंदन: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम ने आखिरी गेंद तक जबरदस्त संघर्ष किया, लेकिन अंततः जीत की दहलीज से महज 27 रन दूर रह गई। मेजबान इंग्लैंड ने तीसरे और निर्णायक एकदिवसीय (वनडे) मुकाबले में भारत को 27 रनों से शिकस्त देकर तीन मैचों की यह हाई-प्रोफाइल सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन डकेट (141) के विस्फोटक शतक और जैकब बेथेल (91) की बेहतरीन पारियों की बदौलत 387/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया था।
जवाब में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने 138 रनों की ऐतिहासिक शतकीय पारी खेली, जबकि शुभमन गिल (77) और विराट कोहली (74) ने भी शानदार अर्धशतक जड़े। हालांकि, मध्यक्रम के अचानक लड़खड़ाने और सैम करन की घातक गेंदबाजी के कारण भारतीय टीम निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 360 रन ही बना सकी। गौरतलब है कि भारत ने इस सीरीज की शुरुआत जीत के साथ की थी, लेकिन दूसरे मैच में इंग्लैंड ने पलटवार करते हुए सीरीज 1-1 से बराबर की थी और अब तीसरा मैच जीतकर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया।
डकेट और बेथेल की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम को उनके सलामी बल्लेबाजों ने बेहद आक्रामक और मजबूत शुरुआत दिलाई। बेन डकेट और जैकब बेथेल ने भारतीय गेंदबाजों को रिमांड पर लेते हुए पहले विकेट के लिए 192 रनों की विशाल साझेदारी की और भारत को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। यह लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे इतिहास में किसी भी टीम द्वारा की गई सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी का नया रिकॉर्ड है।
बेन डकेट ने महज़ 135 गेंदों का सामना करते हुए 18 चौकों और 1 छक्के की मदद से 141 रनों की जबरदस्त पारी खेली। वहीं, उनका साथ दे रहे जैकब बेथेल 93 गेंदों में 91 रन बनाकर अपने पहले वनडे शतक से चूक गए। इन दोनों के आउट होने के बाद अनुभवी जो रूट ने 48 गेंदों में नाबाद 74 रनों की पारी खेली, जबकि कप्तान जोस बटलर ने अंत में सिर्फ 13 गेंदों पर नाबाद 41 रन कूटकर इंग्लैंड के स्कोर को 387/3 तक पहुंचा दिया। यह वनडे क्रिकेट के इतिहास में भारत के खिलाफ इंग्लैंड का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया है।
युवा गेंदबाज गुरनूर बराड़ के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड
इस बड़े मुकाबले में भारत का गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेअसर साबित हुआ, विशेषकर युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ के लिए यह मैच किसी बुरे सपने जैसा रहा। गुरनूर ने अपने 10 ओवर के स्पेल में बिना कोई विकेट लिए 97 रन लुटा दिए। इसके साथ ही उनके नाम लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे इतिहास का सबसे महंगा स्पेल फेंकने का अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। उन्होंने साल 1975 में करसन घावरी द्वारा लुटाए गए 81 रनों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह वनडे इतिहास में भारत की तरफ से फेंका गया तीसरा सबसे महंगा स्पेल भी है।
अन्य गेंदबाजों में प्रसिद्ध कृष्णा ने 10 ओवर में 69 रन देकर भारत के लिए सर्वाधिक 2 विकेट झटके, जबकि प्रिंस यादव को 10 ओवर में 79 रन देकर 1 सफलता मिली। मुख्य स्पिनर अक्षर पटेल (10 ओवर में 61 रन) और तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह (10 ओवर में 72 रन) को कोई विकेट नहीं मिल सका।
कप्तान रोहित शर्मा का ऐतिहासिक शतक और कई बड़े कीर्तिमान
388 रनों के एवरेस्ट जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने वैसी ही धमाकेदार शुरुआत दी जैसी इंग्लैंड को मिली थी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 147 रनों की शतकीय साझेदारी कर मैच को जीवंत बनाए रखा। रोहित शर्मा ने 110 गेंदों में 17 चौकों और 5 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 138 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। भले ही भारत यह मैच हार गया, लेकिन रोहित ने अपनी इस पारी से कई ऐतिहासिक कीर्तिमान रच दिए:
लॉर्ड्स पर पहला भारतीय शतक: रोहित शर्मा क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर वनडे शतक जड़ने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। गांगुली का रिकॉर्ड तोड़ा: उन्होंने लॉर्ड्स पर किसी भी भारतीय का सर्वोच्च वनडे स्कोर बनाया। इससे पहले सौरव गांगुली द्वारा बनाए गए 90 रन यहां का बेस्ट स्कोर थे।
उम्रदराज शतकवीर: 39 साल 80 दिन की उम्र में लॉर्ड्स पर वनडे शतक लगाने वाले वे दुनिया के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। क्रिकेट इतिहास में सबसे बुजुर्ग भारतीय शतकवीर: खेल के तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों (टेस्ट, वनडे, टी-20) को मिलाकर वे सबसे ज्यादा उम्र में अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
विराट ने की संघर्ष की कोशिश, लेकिन मध्यक्रम ने दिया धोखा
जब तक रोहित शर्मा क्रीज पर थे, भारत बेहद मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा था। शुभमन गिल ने भी 84 गेंदों में 77 रनों का अहम योगदान दिया। गिल के आउट होने के बाद मैदान पर उतरे विराट कोहली ने रोहित का अच्छा साथ निभाया और दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 113 रनों की तेज साझेदारी हुई। विराट कोहली ने 60 गेंदों में 74 रनों की शानदार पारी खेली।
लेकिन जैसे ही रोहित शर्मा आउट हुए, भारतीय पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। रोहित के जाते ही मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया और रनगति बनाए रखने के चक्कर में विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। ईशान किशन (14), श्रेयस अय्यर (0), केएल राहुल (12) और अक्षर पटेल (2) रन बनाकर बेहद सस्ते में पवेलियन लौट गए। लगातार गिरे इन विकेटों के कारण विराट कोहली पर अकेले बड़े शॉट खेलने का भारी दबाव आ गया और वे भी अपना विकेट गंवा बैठे, जिससे भारत की जीत की उम्मीदें समाप्त हो गईं।
सैम करन बने इंग्लैंड के सबसे बड़े मैच विनर
इंग्लैंड की इस खिताबी जीत में उनके स्टार ऑलराउंडर सैम करन सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट साबित हुए। उन्होंने अपने 10 ओवरों में 75 रन जरूर दिए, लेकिन भारत के 4 सबसे महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। करन ने सेट बल्लेबाज विराट कोहली के साथ-साथ ईशान किशन, श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल को आउट कर भारतीय मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। उनके अलावा स्पिनर आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर और जैकब बेथेल को भी 1-1 सफलता मिली।
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