
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच गोमती नगर विस्तार क्षेत्र के लोग गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि शहर के प्रमुख और वीआईपी क्षेत्रों में गिने जाने वाले गोमती नगर विस्तार के कई इलाकों में लोगों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। लगातार बढ़ती परेशानी के चलते स्थानीय निवासियों में नगर निगम और जलकल विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गोमती नगर विस्तार खंड-5 में रहने वाले लोगों का आरोप है कि जलकल विभाग पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जहां एक ओर पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही, वहीं दूसरी ओर जलकर और अन्य करों के बिल समय पर लोगों तक पहुंच रहे हैं। इससे लोगों में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार क्षेत्र में स्थापित कई ट्यूबवेल लंबे समय से खराब पड़े हुए हैं, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ने के बावजूद खराब ट्यूबवेलों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर गोमती नगर जनकल्याण महासमिति ने नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारियों को शिकायत भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। महासमिति का आरोप है कि कई बार अवगत कराने के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन इसी दौरान सप्लाई बाधित रहती है या बेहद कम दबाव के साथ पानी आता है। इससे घरों में पेयजल संकट के साथ-साथ दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवारों को निजी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया है कि जब ट्यूबवेल लंबे समय से खराब हैं तो जलकल विभाग उनकी मरम्मत कराने में देरी क्यों कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य करा लिया जाता तो इतनी बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं होती। इधर, क्षेत्र में बढ़ते जनाक्रोश के बीच जानकारी सामने आ रही है कि नागरिकों का एक प्रतिनिधिमंडल राजधानी के दौरे पर आए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन सौंप सकता है। रक्षामंत्री इन दिनों तीन दिवसीय लखनऊ दौरे पर हैं और स्थानीय लोग उनसे हस्तक्षेप कर पेयजल संकट के समाधान की मांग कर सकते हैं।
निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही खराब ट्यूबवेलों को ठीक कर नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो आंदोलन की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। फिलहाल लोगों की मांग है कि जलकल विभाग तत्काल तकनीकी टीम भेजकर खराब पेयजल स्रोतों की मरम्मत कराए और क्षेत्र में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करे।
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