वेब सीरीज नहीं, ‘मैगी’ है ‘लुक्खे’: दो मिनट के रैप और थोड़े से ड्रग्स के साथ तैयार हुआ बेस्वाद मसाला

ब्रांणवाणी एंटरटेनमेंट डेस्क: इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को मेकर्स ने शायद ‘डंपिंग ग्राउंड’ समझ लिया है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई नई सीरीज ‘लुक्खे’ इसी कड़ी का ताजा उदाहरण है। वही पुराना घिसा-पिटा फॉर्मूला ड्रग्स, गैंगवार, बेहिसाब गालियां, कमजोर पुलिस और थोड़ा सा तड़का लगाने के लिए रैप कल्चर। ऐसा लगता है जैसे वेब सीरीज बनाना अब क्रिएटिविटी नहीं, बल्कि मैगी बनाने जैसा आसान काम हो गया है।

कहानी: वही ‘उड़ता पंजाब’ का सस्ता वर्जन

कहानी में दो रैपर्स, बदनाम और ओजी के बीच की रंजिश दिखाई गई है, जो कहीं न कहीं असल जिंदगी के हनी सिंह और बादशाह के विवाद की याद दिलाती है। ये दोनों रैप की आड़ में ड्रग्स का कारोबार करते हैं। कहानी में एक लव एंगल और पुलिस की लुका-छिपी है, लेकिन नयापन बिल्कुल गायब है। दर्शकों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब हम यही सब ‘उड़ता पंजाब’ जैसी फिल्मों में बेहतर तरीके से देख चुके हैं, तो 8 एपिसोड तक वही बोरियत क्यों झेलें?

एक्टिंग: किंग की फ्लॉप एंट्री और राशी खन्ना का जलवा

इस सीरीज से गायक किंग ने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा है, लेकिन वह पूरी सीरीज की सबसे कमजोर कड़ी साबित हुए हैं। बिना तैयारी के एक्टिंग में उतरे किंग के चेहरे पर एक ही एक्सप्रेशन नजर आता है। वहीं, दूसरी तरफ राशी खन्ना ने अपनी अदाकारी और बेहतरीन पंजाबी लहजे से पूरी सीरीज को अपने कंधों पर टिकाए रखा है। पलक तिवारी और लक्ष्यवीर सरन ने भी अपने किरदारों के साथ न्याय किया है और भविष्य के लिए उम्मीद जगाई है। शिवांकित सिंह परिहार एक असली रैपर के रूप में जमते हैं, जबकि योगराज सिंह अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आते हैं।

डायरेक्शन और राइटिंग: गालियों के भरोसे नयापन लाने की कोशिश

देबोजीत दास और अग्रिम जोशी की राइटिंग में कोई दम नहीं है। लेखकों ने शायद यह मान लिया है कि सिर्फ गालियां डाल देने से कंटेंट ‘कूल’ या ‘मॉडर्न’ हो जाता है। हिमांक गौर का निर्देशन भी औसत दर्जे का है। कुल मिलाकर, ‘लुक्खे’ एक ऐसी सीरीज है जिसे आप केवल तब देख सकते हैं जब आपके पास समय बर्बाद करने के अलावा कोई और काम न हो।

ब्रांणवाणी का फाइनल फैसला –  (2.5/5)

अवधि: 45 – 50 मिनट के 8 एपिसोड

कलाकार:  राशी खन्ना, पलक तिवारी, लक्षवीर सिंह सरन, शिवांकित सिंह परिहार, नकुल रोशन सहदेव, कृतिका भारद्वाज, योगराज सिंह, आयशा रजा मिश्रा, गितिका गंजू, लकी की माँ के रूप में, लावीना टंडन,, गिरीश सहदेव फतेह सिंह, आकाश खुराना

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Rashel Kachwah Rajput

Rashel Kachwah Rajput

14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

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