
मैहर: पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत मैहर में प्रस्तावित विकास परियोजना को लेकर आम आदमी पार्टी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के जिला विधिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष आनंद श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि लगभग 11060 वर्गमीटर क्षेत्रफल की शासकीय भूमि, जिसमें पुराना पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और कार्यालय परिसर शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 58 करोड़ 66 लाख रुपये बताई जा रही है, उसके उपयोग और आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है।
उन्होंने कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह जमीन किसे, किन शर्तों पर और किस प्रक्रिया के तहत दी जाएगी। साथ ही यह भी सवाल उठाया कि क्या भूमि का मूल्यांकन वास्तविक बाजार दर पर हुआ है या केवल गाइडलाइन दर के आधार पर आंकलन किया गया है। AAP नेता ने यह भी कहा कि परियोजना से जुड़े ई-टेंडर, बिडर की संख्या, चयन प्रक्रिया और तकनीकी पात्रता की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे संदेह उत्पन्न होता है।
इसके अलावा उन्होंने मास्टर प्लान, भूमि उपयोग परिवर्तन, FAR/FSI अनुमति, DPR और अन्य तकनीकी दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट तकनीकी और वैधानिक स्वीकृतियों के इतनी बड़ी परियोजना आगे बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुराने पीडब्ल्यूडी भवनों को अनुपयोगी घोषित करने से पहले कोई स्ट्रक्चरल ऑडिट या तकनीकी परीक्षण किया गया था या नहीं।
AAP ने मांग की है कि पूरी योजना पर जनसुनवाई कराई जाए और सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका समाप्त हो।
ये भी पढ़े – मैहर: सफाई व्यवस्था सुधार को लेकर सीएमओ प्रिंस अग्रवाल का सघन निरीक्षण, कई वार्डों में पहुंचकर दिए सख्त निर्देश
- maihar-58-crore-government-land-redevelopment-aap-objection-2026








