
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा द्वारा महेश केवट को तीसरे उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारने के बाद कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार संभावित सेंधमारी की आशंका को देखते हुए कांग्रेस अपने विधायकों को कर्नाटक या तेलंगाना भेजने की तैयारी में है। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर देर रात तक बैठक चली, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
कांग्रेस को सेंधमारी का डर, विधायकों की बाड़ेबंदी की तैयारी
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि उनके सभी विधायक एकजुट हैं, लेकिन भाजपा की ओर से दबाव और संपर्क साधने की कोशिशों को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पार्टी हाईकमान के निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं कुछ कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें फोन कॉल और विभिन्न प्रकार के प्रस्ताव मिल रहे हैं। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि उसके विधायक पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं और किसी भी दबाव में नहीं आएंगे।
तीसरी राज्यसभा सीट पर बढ़ी सियासी जंग
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को जिताने के लिए पार्टी के पास सीमित अतिरिक्त वोट हैं, जबकि भाजपा ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा राजनीतिक दबाव की रणनीति अपना रही है, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि उन्हें तीसरी सीट पर भी जीत का पूरा भरोसा है। 18 जून को होने वाले मतदान से पहले दोनों दलों की गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं।
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