
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का पहला दिन बेहद हंगामेदार रहा, जहां विपक्ष ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को चौतरफा घेरा। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने देश के युवाओं और पीड़ित छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने और परीक्षा धांधली मामले में केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर संसद भवन से ऐतिहासिक जंतर-मंतर तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला।
डिंपल यादव के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे सपा सांसद
समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद डिंपल यादव की अगुवाई में सपा के तमाम सांसदों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। मार्च के दौरान सांसदों ने देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के खराब प्रबंधन और लचर व्यवस्था को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील और लापरवाह होने का गंभीर आरोप लगाया। इस दौरान जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे सपा सांसदों ने अपनी ही पार्टी के उन कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पक्ष में भी नारेबाजी की, जो छात्रों की आवाज उठा रहे हैं।
सोनम वांगचुक को हटाए जाने और छात्रों के अनशन का मुद्दा गरमाया
प्रदर्शन के दौरान नीट पेपर लीक के खिलाफ पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सांसदों ने कहा कि वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन धरना स्थल से हटा दिया गया है, लेकिन उनके साथ संकल्प लेने वाले कई छात्र अभी भी अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारी छात्र इस पूरे रैकेट में शामिल बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और स्वयं शिक्षा मंत्री से सीधे जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सरकार संवाद के रास्ते बंद कर चुकी है: डिंपल यादव
मार्च के दौरान डिंपल यादव ने कहा की समाजवादी पार्टी के सांसदों ने सरकार की विफलता पर तीखे बाण चलाए। उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी धांधली और निष्पक्ष तरीके से परीक्षाएं आयोजित कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है और उसने विरोध कर रहे युवाओं व छात्रों से बातचीत के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। सांसद डिंपल यादव ने एनडीए सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “आज देश में ऐसे बदतर हालात बन गए हैं कि युवा अपनी वाजिब चिंताएं और परेशानियां सरकार के सामने रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने या संवाद करने से साफ इनकार कर रही है।
देश के होनहार छात्र अनशन पर बैठे हैं, इसके बावजूद सरकार इतनी कठोर और संवेदनहीन बनी हुई है कि वह किसी की पुकार सुनने को तैयार नहीं है। इस भ्रष्ट और नाकारा व्यवस्था के कारण देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और वे भयंकर मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं।”
मंदिर फंड से लेकर बुलडोजर कार्रवाई तक, कई मुद्दों पर घेरा
सपा के अन्य सांसदों ने भी मंच से सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। उन्होंने केवल पेपर लीक ही नहीं, बल्कि अयोध्या के राम मंदिर निर्माण में दान की चोरी के आरोपों और उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रशासन द्वारा प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। सपा सांसद राजीव राय ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान सरकार परीक्षाओं के पेपर से लेकर मंदिर के पवित्र फंड तक, हर जगह चोरी को बढ़ावा दे रही है, इसलिए देश के भविष्य को बचाने के लिए इस सरकार को सत्ता से बेदखल करना बेहद जरूरी हो गया है।
वहीं, पार्टी के एक अन्य सांसद जिया उर रहमान बर्क ने गंभीर दावा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समूह पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया और उनकी पिटाई की। उन्होंने कहा कि सपा सांसदों का यह दल उन्हीं पीड़ित छात्रों से मिलने और उन्हें अपना समर्थन देने के लिए आगे बढ़ रहा है। बर्क ने पुरजोर मांग की कि सरकार को छात्रों के इस न्यायपूर्ण आंदोलन को पुलिसिया लाठी के दम पर कुचलने के बजाय तुरंत उनसे मेज पर बैठकर सम्मानजनक बातचीत शुरू करनी चाहिए।
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