
नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद भारतीय नागरिकों को लेकर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि चीन की सीमा के पास फंसे लगभग 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और अपने परिवारों के संपर्क में हैं।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक कई भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
84 भारतीय नागरिकों को अब तक सुरक्षित निकाला गया
रणधीर जायसवाल के अनुसार, त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 भारतीय नागरिकों समेत कुल 84 भारतीयों को अब तक बचाया जा चुका है। इसके अलावा, नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से पहले काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिकों को भी अब भारत वापस लाया जा चुका है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इन 21 नागरिकों ने काठमांडू पहुंचने के बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उनके स्वदेश लौटने की व्यवस्था की गई।
चीन सीमा से 96 भारतीय नेपाल पहुंचे
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि चीन की सीमा के पास फंसे भारतीय नागरिकों में से 96 लोग सड़क मार्ग से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। भारतीय अधिकारियों की ओर से अब उन्हें आगे सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में राहत एवं निकासी अभियान के दौरान आंकड़ों में भी बदलाव हो सकता है।
320 भारतीयों से अब भी संपर्क नहीं
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिक ऐसे हैं जिनसे फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो भारतीय मूल के हैं, लेकिन उनके पास अन्य देशों की नागरिकता है। ऐसे कई लोगों के कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने की संभावना भी बताई गई है। विदेश मंत्रालय अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त सूचियों का मिलान कर रहा है, ताकि लापता लोगों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति की पुष्टि की जा सके। जायसवाल ने स्पष्ट किया कि स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए लापता और सुरक्षित लोगों की संख्या में आगे बदलाव संभव है।
24 घंटे सक्रिय हैं कंट्रोल रूम
विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रभावित भारतीयों और उनके परिजनों की सहायता के लिए नई दिल्ली स्थित मंत्रालय का कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है। इसके अलावा काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों ने भी हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए हैं। इन माध्यमों से लापता भारतीयों के बारे में जानकारी जुटाने, उनके परिजनों से संपर्क बनाए रखने और जरूरत के मुताबिक राहत एवं निकासी में सहायता की जा रही है।
चीन सीमा पर फंसे 400 भारतीय सुरक्षित
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन की सीमा के पास फंसे लगभग 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। वे अपने परिवारों के संपर्क में हैं और वहां संचार सेवाएं काम कर रही हैं। भारतीय दूतावास इन नागरिकों के साथ-साथ उनके टीम लीडरों और ट्रैवल एजेंटों के संपर्क में भी है। कई परिजनों ने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन के माध्यम से भी अधिकारियों से संपर्क किया है।
चीनी अधिकारियों के साथ संपर्क में भारतीय दूतावास
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास चीन के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। इन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और आगे उनकी निकासी की संभावनाओं पर स्थानीय प्रशासन के साथ बातचीत की जा रही है। सरकार का प्राथमिक फोकस नेपाल में लापता भारतीय नागरिकों का पता लगाने, प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक सहायता पहुंचाने और चीन की सीमा के पास मौजूद भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने पर है। विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि राहत एवं बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ भारतीय नागरिकों की स्थिति और संख्या को लेकर नए आंकड़े सामने आ सकते हैं।
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