
पिछोर।कुलदीप शर्मा| महापुरुषों की प्रतिमा स्थापना के नाम पर सार्वजनिक या शासकीय जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने सख्त रुख अपनाया है। विधायक ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन उनकी प्रतिमा के नाम पर बिना अनुमति जमीन पर कब्जा करना या राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रतिमा स्थापना से पहले प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य बताया।
बिना अनुमति मूर्ति रखने पर होगी कार्रवाई
विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कि कुछ लोग रात के अंधेरे में चोरी-छिपे मूर्तियां स्थापित कर देते हैं। इसके बाद उसी स्थान को लेकर विवाद की स्थिति बनती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी महापुरुष की प्रतिमा स्थापित करने के लिए पहले प्रशासन से विधिवत अनुमति लेनी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थापना की जानकारी विधायक को भी दी जानी चाहिए। प्रशासन को जमीन की स्थिति, आसपास के क्षेत्र और संभावित विवाद जैसे सभी पहलुओं की जांच के बाद ही अनुमति देनी चाहिए। बिना अनुमति सार्वजनिक या शासकीय भूमि पर प्रतिमा स्थापित करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
‘महापुरुष किसी एक समाज के नहीं’
विधायक ने कहा कि महापुरुष किसी एक व्यक्ति या समाज तक सीमित नहीं होते। वे पूरे समाज के लिए सम्माननीय हैं। इसलिए उनकी प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया भी सम्मानजनक और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थापना के नाम पर किसी भी तरह का विवाद खड़ा करना महापुरुषों के सम्मान के अनुरूप नहीं है। प्रशासन को ऐसे मामलों में पहले से स्पष्ट व्यवस्था बनानी चाहिए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति पैदा न हो।
राजनीतिक लाभ के लिए प्रतिमा स्थापना पर निशाना
प्रीतम लोधी ने कुछ नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राजनीतिक पहचान बनाने के लिए रातों-रात मूर्ति स्थापित करने की राजनीति बंद होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में महापुरुषों के सम्मान की आड़ में जमीन पर कब्जे और राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जाती है।
विधायक ने कहा कि महापुरुषों के नाम का इस्तेमाल किसी भी तरह के निजी या राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों पर नजर रखने की अपील की।
पिछोर में दो-तीन और मूर्तियां आने की बात
विधायक ने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि पिछोर नगर में दो-तीन और मूर्तियां लाई जा चुकी हैं। बताया गया है कि इन्हें कुछ लोगों ने अपने घरों में रखा है। विधायक ने प्रशासन से ऐसे मामलों की जानकारी जुटाने और यह सुनिश्चित करने की बात कही कि भविष्य में इन्हें बिना अनुमति सार्वजनिक या शासकीय भूमि पर स्थापित न किया जाए।
उन्होंने कहा कि नियमों का पालन होने से महापुरुषों के सम्मान के साथ-साथ सार्वजनिक भूमि से जुड़े विवादों को भी रोका जा सकता है।
विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने स्पष्ट किया कि महापुरुषों का सम्मान पूरी श्रद्धा के साथ होना चाहिए, लेकिन प्रतिमा स्थापना के नाम पर बिना अनुमति जमीन पर कब्जा या राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
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