
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और जापान के मजबूत होते आर्थिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज सुजुकी की लगभग दो-तिहाई कारों का निर्माण भारत में हो रहा है। उन्होंने इसे भारत के बढ़ते विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) सामर्थ्य और दोनों देशों के बीच गहरे औद्योगिक सहयोग का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत केवल वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र नहीं बन रहा, बल्कि नई तकनीक, नवाचार और निवेश का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि जापान लंबे समय से भारत का भरोसेमंद विकास साझेदार रहा है और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है।
कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जापान के सहयोग से देशभर में करीब 1000 आधुनिक खाद (फर्टिलाइजर) कारखाने स्थापित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना, कृषि उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की वरिष्ठ नेता साने ताकाइची को अपनी “बहन” बताते हुए दोनों देशों के बीच आत्मीय संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान का रिश्ता केवल आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, मित्रता और साझा विकास के मूल्यों पर आधारित है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत-जापान सहयोग आने वाले वर्षों में ऑटोमोबाइल, कृषि, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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