
गॉटेनबर्ग/स्वीडन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नए ऐतिहासिक स्तर पर ले जाने का आधिकारिक निर्णय लिया गया है। दोनों देशों ने आपसी सहयोग के निरंतर विस्तार को देखते हुए अपने संबंधों को ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ (रणनीतिक साझेदारी) में बदलने का ऐलान किया है।
गॉटेनबर्ग में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ-साथ स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया भी विशेष रूप से शामिल हुईं। क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया ने इस अवसर पर स्वीडन के राजा और रानी की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और भारत के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं, जिसके लिए पीएम मोदी ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किया कि भारत और स्वीडन के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन (रूल ऑफ लॉ) और मानव-केंद्रित विकास की मजबूत नींव पर टिके हुए हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ती भागीदारी और हर क्षेत्र में बढ़ते समन्वय को आधार मानकर ही इस रिश्ते को रणनीतिक साझेदारी का रूप दिया गया है।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की इस वार्ता में दोनों राष्ट्रों के बीच कई महत्वपूर्ण और भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। वार्ता के मुख्य एजेंडे में व्यापार, रक्षा, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) जैसे गंभीर वैश्विक और क्षेत्रीय विषय शामिल रहे, जिन पर दोनों देशों ने मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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