प्रमोटी आईएएस की गलती से सरकार की किरकिरी

प्रदेश में सचिव स्तर के एक प्रमोटी आईएएस अधिकारी ने हाल ही में सरकार को असहज स्थिति में डाल दिया। नई तबादला नीति को लागू करने की जिम्मेदारी उनके पास थी, लेकिन आदेश जारी करते समय तारीखों में गड़बड़ी हो गई। इस गलती ने मंत्रालय के गलियारों में हलचल मचा दी और सरकार की छवि को नुकसान पहुँचाया।

तारीख की गड़बड़ी से बना विवाद नीति को अंतिम रूप देते समय अधिकारी ने आदेश में 2026 की जगह 2016 लिख दिया। यानी सरकार मानो दस साल पीछे लौट गई। इस गड़बड़ी के सामने आते ही फाइलें खंगाली गईं और पता चला कि आदेश जारी करते समय तारीख बदलना भूल गए। इस गलती ने प्रशासनिक दक्षता पर सवाल खड़े कर दिए।

कॉपी-पेस्ट प्रशासन पर उठे सवाल लोगों ने इस पूरे मामले को “कॉपी-पेस्ट प्रशासन” का नतीजा बताया। अफसरशाही में चुटकी ली जा रही है कि साहब ने फाइल तो संभाली लेकिन तारीख बदलना भूल गए। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लापरवाही कितनी गंभीर परिणाम ला सकती है।

सरकार की छवि पर असर इस गड़बड़ी के कारण सरकार की नई नीति पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष और जनता दोनों ही इस मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। मंत्रालय में अब यह चर्चा का विषय है कि ऐसी लापरवाही से बचने के लिए भविष्य में क्या कदम उठाए जाएँ।

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gaurav singh rajput

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